पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने समाज की सोच को झकझोर कर रख दिया। बेरीनाग क्षेत्र में दो बेटियों ने अपने पिता के अंतिम संस्कार में मुखाग्नि देकर सदियों पुरानी परंपराओं को चुनौती दी।
Daughters Perform Last Rites of Father Break Social Norms
बेरीनाग विकासखंड के ग्राम पंचायत नैनीशतला के मोना गांव निवासी नंदन सिंह दशौनी का सोमवार देर रात बीमारी के चलते निधन हो गया। परिवार में कोई पुत्र नहीं होने के कारण ग्रामीणों के सामने यह सवाल खड़ा हो गया कि अंतिम संस्कार की रस्में कौन निभाएगा। ऐसे समय में नंदन सिंह की विवाहित बेटियां हेमा कार्की और नीमा कार्की आगे आईं। उन्होंने न सिर्फ अपने पिता की अर्थी को कंधा देने का निर्णय लिया, बल्कि मुखाग्नि देने की जिम्मेदारी भी खुद उठाई।