देहरादून: देहरादून में पुलिस के ऑपरेशन क्रैकडाउन के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ है। रायपुर क्षेत्र में सत्यापन अभियान के दौरान तीन विदेशी महिलाएं पकड़ी गईं, जो अवैध रूप से भारत में रह रही थीं। इनमें से दो महिलाएं उज्बेकिस्तान की और एक किर्गिस्तान की निवासी हैं।
3 foreign women arrested in Dehradun
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि उज्बेकिस्तान की दो महिलाएं नेपाल बॉर्डर के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थीं। इसके बाद वे दिल्ली समेत कई शहरों में रह चुकी थीं और आखिरकार देहरादून में आकर ठहर गईं। रविवार को रायपुर क्षेत्र में चल रहे सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस साईं कॉम्प्लेक्स पहुंची। यहां तीसरी मंजिल पर तीन महिलाएं रह रही थीं। जब पुलिस ने उनसे दस्तावेज मांगे, तो वे टालमटोल करने लगीं, जिससे शक गहरा गया।आगे पढ़िए..
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फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेज बरामद
सख्ती से पूछताछ के बाद महिलाओं ने अपने दस्तावेज दिखाए। जांच में उनके पास से फर्जी आधार कार्ड और अन्य नकली दस्तावेज बरामद हुए। बताया गया कि उन्होंने अपने परिचितों की मदद से ये दस्तावेज तैयार करवाए थे। तीनों महिलाओं में से इरिका नाम की महिला किर्गिस्तान की निवासी है, जो 2023 में वीजा पर भारत आई थी। लेकिन वीजा समाप्त होने के बाद भी वह वापस नहीं लौटी और अवैध रूप से यहीं रहने लगी।आगे पढ़िए..
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दिल्ली में बनी पहचान, फिर तैयार किए फर्जी कागजात
पूछताछ में यह भी सामने आया कि तीनों की मुलाकात दिल्ली में हुई थी। वहीं से उन्होंने अपने नेटवर्क के जरिए फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनवाए और अलग-अलग शहरों में रहना शुरू कर दिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि निगोरा नाम की महिला को पहले भी बिहार पुलिस फर्जी दस्तावेजों के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जमानत पर बाहर आने के बाद भी वह भारत में अवैध रूप से रह रही थी। पुलिस ने तीनों महिलाओं को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। सभी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।