देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के कई प्रमुख नेता शनिवार को नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी का दामन थामने जा रहे हैं। यह सदस्यता कार्यक्रम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में आयोजित होगा, जहां पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी में इन नेताओं को आधिकारिक रूप से कांग्रेस की सदस्यता दिलाई जाएगी। इस घटनाक्रम को आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
Major Uttarakhand Leaders Set to Join Congress in New Delhi
सूत्रों के अनुसार, इस कार्यक्रम में तीन पूर्व विधायक—राजकुमार ठुकराल, नारायण पाल और भीमलाल आर्य—समेत कुल छह नेता कांग्रेस में शामिल होंगे। इनके साथ रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल, भीमताल से लाखन नेगी और मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता भी कांग्रेस का हाथ थामेंगे। इन नेताओं का विभिन्न राजनीतिक दलों में अनुभव रहा है, जिससे कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और कारण
इन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के पीछे अलग-अलग राजनीतिक कारण बताए जा रहे हैं। राजकुमार ठुकराल 2022 के विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज होकर पहले ही भाजपा से इस्तीफा दे चुके थे। वहीं, नारायण पाल का राजनीतिक सफर बसपा और कांग्रेस के बीच रहा, लेकिन 2022 में टिकट न मिलने के कारण उन्होंने कांग्रेस भी छोड़ दी थी। अब एक बार फिर वे कांग्रेस में वापसी कर रहे हैं। इसी तरह भीमलाल आर्य का भी भी पूर्व भाजपा नेता हैं, उनका कांग्रेस में शामिल होना क्षेत्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर सकता है।
गौरव गोयल और अन्य नेताओं की भूमिका
रुड़की से निर्दलीय मेयर चुने गए गौरव गोयल भी कांग्रेस में शामिल होने जा रहे हैं। मेयर बनने के बाद वे भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। उनके अलावा लाखन नेगी और अनुज गुप्ता जैसे स्थानीय नेता भी कांग्रेस में शामिल होकर पार्टी के संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे।
कांग्रेस की रणनीति और आगे की तैयारी
इन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने को पार्टी की रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इस कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी मौजूद रहेंगे, जो इस राजनीतिक घटनाक्रम को और अहम बना देता है।