देहरादून: Harish Rawat ने महंगाई के खिलाफ चैत्र नवरात्रि से 15 दिनों का मौन व्रत शुरू किया है। इस दौरान वे राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाकर अनोखे तरीके से विरोध जता रहे हैं। यह विरोध पारंपरिक राजनीतिक तरीकों से हटकर एक अलग संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है।
Former CM Harish Rawat to Stays Away from Politics for 15 Days
हरीश रावत ने ऐलान किया है कि वे अगले 15 दिनों तक मौन रहेंगे और इस दौरान किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगे। उनका कहना है कि यह कदम जनता की समस्याओं को उजागर करने के लिए उठाया गया है। देशभर में बढ़ती महंगाई को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। इसी बीच हरीश रावत का यह कदम आम जनता की परेशानियों को सामने लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
हरदा की "आध्यात्मिक" राजनीति
नवरात्रि जैसे धार्मिक अवसर पर मौन व्रत शुरू करना इस विरोध को आध्यात्मिक स्वरूप भी देता है। इससे यह संदेश दिया जा रहा है कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता से जुड़ा है। हरीश रावत का यह मौन व्रत उत्तराखंड की राजनीति में एक अलग तरह का विरोध बनकर उभरा है। अब देखना होगा कि इस कदम का जनता और राजनीतिक परिदृश्य पर क्या असर पड़ता है।