उत्तराखंड पिथौरागढ़SSB Head Constable Found Dead in Pithoragarh Hotel

उत्तराखंड: SSB जवान की संदिग्ध मौत, होटल के कमरे में लटका मिला शव.. मचा हड़कंप

पिथौरागढ़ में एसएसबी के हेड कांस्टेबल हुसन लाल का शव होटल में मिला। पुलिस शुरुआती जांच में आत्महत्या मान रही है, लेकिन कारणों की जांच जारी है।

Pithoragarh suicide case: SSB Head Constable Found Dead in Pithoragarh Hotel
Image: SSB Head Constable Found Dead in Pithoragarh Hotel (Source: Social Media)

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में एसएसबी (सीमा सुरक्षा बल) के हेड कांस्टेबल हुसन लाल की मौत से सनसनी फैल गई है। उनका शव 21 मार्च को एक होटल के कमरे में मिला, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

SSB Head Constable Found Dead in Pithoragarh Hotel

होटल स्टाफ के अनुसार, हुसन लाल पिछले तीन दिनों से होटल में ठहरे हुए थे। जब एक कर्मचारी उन्हें पानी देने के लिए कमरे में पहुंचा, तो उसने जवान को पंखे से लटका हुआ पाया। यह देख स्टाफ घबरा गया और तुरंत होटल प्रबंधन को सूचना दी गई।

पुलिस ने शुरू की जांच

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। मामले को और रहस्यमय बना देने वाली बात यह है कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। इससे आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाना मुश्किल हो गया है।

एसएसबी की 11वीं बटालियन में थे तैनात

सूत्रों के मुताबिक, हुसन लाल (41) एसएसबी की 11वीं बटालियन में तैनात थे और पंजाब के रहने वाले थे। उन्होंने हाल ही में अपनी छुट्टी पूरी की थी और 18 मार्च को डीडीहाट लौटे थे। ड्यूटी पर लौटने के बजाय हुसन लाल एक स्थानीय होटल में ठहर गए। बताया जा रहा है कि वह तीन दिनों तक वहीं रहे और किसी से ज्यादा संपर्क में नहीं आए।

मानसिक तनाव की आशंका

होटल स्टाफ के मुताबिक, हुसन लाल काफी शांत और परेशान दिखाई दे रहे थे। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह किसी मानसिक तनाव से गुजर रहे थे, हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

हर एंगल से जांच जारी

पुलिस और संबंधित एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। जवान के परिवार को भी सूचना दे दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
यह घटना कई सवाल खड़े करती है और सुरक्षा बलों में कार्यरत जवानों के मानसिक स्वास्थ्य की ओर भी ध्यान दिलाती है। फिलहाल सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है।