उत्तराखंड देहरादूनTeacher Gets 20-Year Jail in Minor Rape Case in Dehradun

देहरादून: 13 वर्षीय छात्रा के साथ किया दुष्कर्म, अब 20 साल जेल में सड़ेगा दरिंदा शिक्षक

देहरादून की अदालत ने एक शिक्षक को किशोरी से दुष्कर्म के मामले में दोषी करार देते हुए 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

Dehradun POCSO case: Teacher Gets 20-Year Jail in Minor Rape Case in Dehradun
Image: Teacher Gets 20-Year Jail in Minor Rape Case in Dehradun (Source: Social Media)

देहरादून: देहरादून की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी शुक्ला की अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म के गंभीर मामले में आरोपी शिक्षक को दोषी करार देते हुए 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यदि वह जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह फैसला पॉक्सो (POCSO) के तहत दर्ज दूसरे मामले में महज 18 दिनों के भीतर सुनाया गया, जो न्यायिक प्रक्रिया की तेजी को दर्शाता है।

Teacher Gets 20-Year Jail in Minor Rape Case in Dehradun

यह मामला वर्ष 2019 से 2021 के बीच का है। पीड़िता की मां, जो मेघालय की निवासी हैं, ने देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी 13 वर्षीय बेटी एक स्कूल में पढ़ती थी और उसी संस्थान के हॉस्टल में रहती थी। शिकायत के अनुसार, स्कूल संचालक जनार्धन बिंजोला ने किशोरी के साथ कई बार दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि वह और अन्य बच्चे आरोपी को ‘पापा’ कहकर पुकारते थे। एक दिन सिरदर्द की शिकायत के दौरान आरोपी ने उसे अपने कमरे में सुलाया और रात में उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद यह सिलसिला लगातार चलता रहा। पीड़िता ने जब एक महिला कर्मचारी से शिकायत की, तो उसे चुप रहने के लिए कहा गया।

धमकी और दबाव में रही पीड़िता

पीड़िता के अनुसार, उसे लगातार धमकाया जाता था और उसकी मां से बात करते समय फोन स्पीकर पर रखा जाता था, जिससे वह सच्चाई नहीं बता पाती थी। करीब डेढ़ साल तक यह शोषण चलता रहा। बाद में जब एक अन्य पीड़िता ने 23 जुलाई 2021 को आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, तब मामला सामने आया।

पुलिस कार्रवाई और चार्जशीट

मामला सामने आने के बाद नेहरू कॉलोनी थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने तेजी से जांच करते हुए महज दो महीनों के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। यह तेज कार्रवाई इस संवेदनशील मामले में न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

पहले भी मिल चुकी है सजा

गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को इसी अदालत ने इसी हॉस्टल की एक अन्य छात्रा से दुष्कर्म के मामले में भी आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, दोनों मामलों में सह-आरोपित महिला को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।

अभियोजन पक्ष की दलील

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार ने अदालत को बताया कि पीड़िता महज 15 वर्ष की थी और सातवीं कक्षा में पढ़ती थी। हॉस्टल में अन्य बच्चे भी रहते थे, लेकिन आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग कर इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया।
देहरादून की अदालत का यह फैसला न केवल पीड़िता के लिए न्याय का प्रतीक है, बल्कि समाज में यह संदेश भी देता है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी।