देहरादून: उत्तराखंड के सीमावर्ती जिले पिथौरागढ़ के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। करीब पांच महीने से बंद पड़ी देहरादून–पिथौरागढ़ हवाई सेवा एक बार फिर शुरू होने जा रही है। इस फैसले से न सिर्फ यात्रियों का इंतजार खत्म होगा, बल्कि सीमांत क्षेत्र की कनेक्टिविटी को भी नई मजबूती मिलेगी।
Dehradun–Pithoragarh Flight Service to Resume After 5 Months
उत्तराखंड सिविल एविएशन अथॉरिटी (यूकाडा) के सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने पुष्टि की है कि नई विमान सेवा को लेकर सभी आवश्यक मंजूरियां मिल चुकी हैं। चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता वाली हाई पावर कमेटी ने सेवा को हरी झंडी दे दी है। यदि सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार रहा, तो इसी महीने उड़ान शुरू होने की संभावना है।
तकनीकी कारणों से बंद हुई थी सेवा
पिछली बार तकनीकी कारणों के चलते नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इस रूट पर उड़ानों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। करीब पांच महीने तक सेवा बंद रहने से स्थानीय लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अब अलायंस एयर भरेगी उड़ान
पहले यह सेवा Flybig द्वारा संचालित की जा रही थी, लेकिन इस बार संचालन की जिम्मेदारी Alliance Air को दी गई है। अलायंस एयर 48 सीटर विमान के साथ इस रूट पर उड़ान भरेगी, जिससे अधिक यात्रियों को सुविधा मिल सकेगी और सेवा अधिक स्थिर रहने की उम्मीद है।
दिल्ली से भी जुड़ेगा पिथौरागढ़
नई व्यवस्था के तहत यह फ्लाइट दिल्ली–देहरादून–पिथौरागढ़ रूट पर संचालित होगी। इससे पिथौरागढ़ सीधे राष्ट्रीय राजधानी से हवाई मार्ग से जुड़ जाएगा। सीमावर्ती जिला होने के कारण यह कनेक्टिविटी सामरिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
पिथौरागढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हिमालयी दृश्यों और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, होटल और टैक्सी व्यवसाय को लाभ मिलेगा, इसके अलावा स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। बरसात और सर्दियों में पहाड़ी सड़कों पर जोखिम भरे सफर के मुकाबले हवाई सेवा एक सुरक्षित और समय बचाने वाला विकल्प साबित होगी।
सुरक्षा और तकनीकी मानकों पर विशेष ध्यान
यूकाडा अधिकारियों के अनुसार इस बार रनवे, सुरक्षा मानकों और मौसम संबंधी चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में सेवा बाधित न हो। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।