उत्तराखंड उधमसिंह नगरDineshpur Wedding Disrupted Over Allegations of Illegal Second Marriage

उत्तराखंड: पुलिस के साथ शादी समारोह में पहुंची महिला, दूल्हे को बताया अपना पति

दिनेशपुर में एक शादी समारोह उस समय विवाद में घिर गया जब एक महिला पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और दूल्हे को अपना पति बताते हुए बिना तलाक दूसरी शादी का आरोप लगाया। पुलिस के पहुंचने तक विवाह संपन्न हो चुका था।

Uttarakhand Marriage Dispute: Dineshpur Wedding Disrupted Over Allegations of Illegal Second Marriage
Image: Dineshpur Wedding Disrupted Over Allegations of Illegal Second Marriage (Source: Social Media)

उधमसिंह नगर: उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर क्षेत्र में सोमवार को एक शादी समारोह उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब एक महिला पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और दूल्हे को अपना पति बताते हुए हंगामा कर दिया। महिला का आरोप था कि युवक उससे बिना तलाक लिए दूसरी शादी कर रहा है।

Dineshpur Wedding Disrupted Over Allegations of Illegal Second Marriage

जानकारी के अनुसार, कस्बे में एक युवक का विवाह समारोह चल रहा था। इसी दौरान गदरपुर माजरा हसन निवासी एक महिला थाने पहुंची और अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए शादी रुकवाने की मांग की। महिला की शिकायत पर थाने में तैनात महिला उपनिरीक्षक सोनिका जोशी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। जब तक पुलिस विवाह स्थल पर पहुंची, तब तक शादी की रस्में पूरी हो चुकी थीं। पुलिस ने मौके पर दोनों पक्षों से पूछताछ की और स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान विवाह स्थल पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

बिना तलाक दूसरी शादी अवैध

पुलिस ने दूल्हा पक्ष को स्पष्ट रूप से बताया कि पहली पत्नी के रहते बिना तलाक दूसरी शादी करना कानूनन अपराध है। वहीं, महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति जानबूझकर उसे धोखा देकर दूसरा विवाह कर रहा है। दूसरी ओर, आरोपित पति पक्ष का कहना था कि पति-पत्नी पिछले छह वर्षों से अलग-अलग रह रहे हैं और यह फैसला पंचायत के माध्यम से हुआ था। हालांकि, इस संबंध में कोई कानूनी तलाक के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

पुलिस ने न्यायालय जाने की दी सलाह

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता को आरोपित पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी। पुलिस का कहना है कि यह मामला दीवानी और पारिवारिक न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।