नैनीताल: नैनीताल जिले के भीमताल क्षेत्र में गुलदार (तेंदुआ) के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा घटना में गुलदार ने एक बुजुर्ग महिला पर हमला कर उसकी मौत के घाट उतार दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद भीमताल समेत आसपास के गांवों में डर और आक्रोश का माहौल है।
woman died in a leopard attack in Nainital
नैनीताल के नवाजिश खालिद ने बताया कि स्थानीय निवासी गंगा देवी बीते दिन देर शाम अपने घर के पास जंगल की ओर मवेशियों के लिए चारा लेने गई थीं। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की और वन विभाग को सूचना दी। आज सुबह महिला का शव घर से कुछ दूरी पर जंगल में क्षत-विक्षत अवस्था में बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में शव पर गुलदार के हमले के स्पष्ट निशान पाए गए हैं।
सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शव को खाई से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना के बाद मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके के जंगलों में लंबे समय से गुलदार की लगातार सक्रियता बनी हुई है, लेकिन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिसका नतीजा आज यह भयावह घटना है।
ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश
स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी गुलदार की मौजूदगी को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन गश्त और निगरानी को गंभीरता से नहीं लिया गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।
गश्त बढ़ेगी, पिंजरे और ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे
एसडीएम नवाजिश खालिद ने कहा कि महिला बीते दिन से लापता थीं और आज उनका शव बरामद किया गया है। उन्होंने बताया कि वन विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जा रही है, साथ ही गुलदार पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही ट्रैप कैमरे सक्रिय किए जाएंगे। वन विभाग ने लोगों से जंगल की ओर अकेले न जाने और समूह में ही जाने की सलाह दी है।
मानव–वन्यजीव संघर्ष पर फिर सवाल
भीमताल की यह घटना एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते मानव–वन्यजीव संघर्ष को उजागर करती है। जंगलों के सिमटने और आबादी के बढ़ने से गुलदार जैसे वन्यजीव आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।