बागेश्वर: जसपाल शर्मा आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उत्तराखंड की देवभूमि से निकलकर अपनी मेहनत, अभिनय और संघर्ष के दम पर उन्होंने देशभर में पहचान बनाई है। सोशल मीडिया से लेकर फिल्मों तक, शायद ही कोई ऐसा दर्शक होगा जिसने उनके दमदार अभिनय वाले वीडियो न देखे हों।
Jaspal Sharma won hearts of entire nation with acting
मूल रूप से बागेश्वर जिले में कौसानी के रहने वाले जसपाल शर्मा का जन्म हल्द्वानी में हुआ। उनकी शुरुआती पढ़ाई महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, हल्द्वानी से हुई, जबकि ग्रेजुएशन उन्होंने MBPG College से पूरी की। पहाड़ के इस छोटे से परिवेश में पले-बढ़े जसपाल के सपने हमेशा बड़े रहे।
संघर्षों से निखरा अभिनय
आज करोड़ों लोग उन्हें पहचानते हैं, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। संघर्षों से भरा यही सफर उनके अभिनय में गहराई लाता है। जसपाल जब किसी किरदार को निभाते हैं, तो खुद को पूरी तरह भूलकर उस किरदार में जान फूंक देते हैं—और यही बात दर्शकों को उनसे जोड़ती है।
थिएटर से दिल्ली और फिर बॉलीवुड तक
बचपन से ही अभिनय का शौक रखने वाले जसपाल ने यह समझ लिया था कि ऊंचाइयों को छूने के लिए सीमाओं से बाहर निकलना होगा। करीब 9 वर्षों तक थिएटर और स्टेज शोज़ करने के बाद उन्होंने दिल्ली का रुख किया। दिल्ली में भी थिएटर उनका आधार बना रहा। यहीं उन्हें नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी के साथ “कथा एक कंस की” नाटक में अभिनय करने का मौका मिला, जिसने उनके करियर की दिशा बदल दी।