उत्तराखंड देहरादूनAnkita Bhandari Case Mahapanchayat in Dehradun on 8th February

अंकिता भंडारी हत्याकांड: 8 फरवरी को देहरादून में महापंचायत, गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी का समर्थन

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर 8 फरवरी को देहरादून के परेड ग्राउंड में महापंचायत आयोजित होगी। लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने इसे उत्तराखंड की बेटियों के सम्मान की लड़ाई बताते हुए लोगों से शामिल होने की अपील की है।

Ankita Bhandari Case: Ankita Bhandari Case Mahapanchayat in Dehradun on 8th February
Image: Ankita Bhandari Case Mahapanchayat in Dehradun on 8th February (Source: Social Media)

देहरादून: बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। भले ही मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति हो चुकी हो, लेकिन आंदोलन की आवाजें अब भी थमी नहीं हैं। इसी क्रम में 8 फरवरी को परेड ग्राउंड, देहरादून में एक बड़ी महापंचायत प्रस्तावित की गई है, जिसे उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी का समर्थन मिला है।यह महापंचायत अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच द्वारा ‘वीआईपी कौन? महापंचायत’ के नाम से बुलाई गई है। मंच का कहना है कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही की सामूहिक आवाज है।
लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि “अंकिता को न्याय दिलाने की यह लड़ाई पूरे उत्तराखंड की आत्मा, अस्मिता और पहाड़ की बेटियों के सम्मान की लड़ाई है।”

लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील

नेगी दा ने प्रदेशवासियों से अधिक संख्या में महापंचायत में पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि अगर आज अन्याय के खिलाफ सामूहिक स्वर नहीं उठा, तो कल पहाड़ की हर बेटी खुद को असुरक्षित महसूस करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन

अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के सदस्य मोहित डिमरी ने कहा कि “यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक दोषियों को सजा और पीड़ित परिवार को पूरा न्याय नहीं मिल जाता।” उन्होंने बताया कि 8 फरवरी की महापंचायत को सफल बनाने के लिए राज्यभर में जनसंपर्क और जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

‘नैरेटिव गढ़कर आंदोलन को कमजोर करने का आरोप’

मोहित डिमरी ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर यह नैरेटिव बना रही है कि इस मुद्दे पर राजनीति की जा रही है, ताकि जनता के बीच भ्रम पैदा हो। उन्होंने सवाल उठाया— “क्या अंकिता के लिए न्याय की आवाज उठाना गलत है?”

पहले भी हो चुकी है बैठक और ऐलान

गौरतलब है कि 15 जनवरी को संघर्ष मंच ने शहीद स्मारक में बैठक कर महापंचायत का ऐलान किया था। उस बैठक में अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी की भूमिका के खुलासे और उसे बचाने में संलिप्त सभी लोगों को सजा दिलाने की मांग उठी थी। संघर्ष मंच का कहना है कि जब तक अंकिता को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन थमने वाला नहीं है। मंच ने दावा किया है कि महापंचायत में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे।