देहरादून: बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कार ओवरटेक को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। दिल्ली से आए पर्यटकों और स्थानीय युवाओं के बीच हुई मारपीट के बाद हालात उस वक्त और बिगड़ गए, जब कोतवाली परिसर में भीड़ ने पुलिस से हिरासत में लिए गए पर्यटकों को जबरन छुड़ाने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
Tourists and local youths clash in Srinagar Garhwal
घटना गुरुवार को फरासू के पास बद्रीनाथ हाईवे पर हुई। बताया गया कि दिल्ली से आए पर्यटकों ने गलत दिशा से स्थानीय युवाओं को ओवरटेक किया। स्कूटी सवार स्थानीय युवाओं ने इसका विरोध किया, जिस पर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी और फिर मारपीट शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए।
पुलिस की मौजूदगी में कोतवाली तक पहुंचा मामला
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करते हुए पर्यटकों को सरकारी जीप में बैठाकर श्रीनगर कोतवाली ले आई। लेकिन कोतवाली पहुंचते ही वहां स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने आरोपियों को सौंपने की मांग करते हुए पुलिस वाहन से उन्हें जबरन बाहर निकालने का प्रयास किया।
पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज
भीड़ के उग्र होने पर पुलिसकर्मियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब लोग नहीं माने और हालात बेकाबू हो गए, तो कोतवाल कुलदीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को कोतवाली परिसर से खदेड़ा। लाठीचार्ज के बाद ही स्थिति सामान्य हो सकी।
7 पर्यटक गिरफ्तार, कोर्ट में पेशी की तैयारी
पुलिस ने मारपीट और कानून व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में 6 दिल्ली और 1 देहरादून निवासी पर्यटक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
अजय उबास (27), दिल्ली
अभिषेक कौशिक (27), दिल्ली
विपिन मंद्रवाल (27), भानियावाला, देहरादून
विशाल वत्स (25), दिल्ली
आकाश डबास (26), दिल्ली
सागर (26), दिल्ली
मनीष (25), दिल्ली
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
कानून व्यवस्था पर सवाल, पुलिस की सख्ती
इस घटना ने एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच बढ़ते टकराव और कानून-व्यवस्था की चुनौती को उजागर किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे स्थानीय हों या पर्यटक।