नैनीताल: उत्तराखंड हाई कोर्ट ने राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा 6 दिसंबर को प्रस्तावित पीसीएस 2025 मुख्य परीक्षा पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह आदेश प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। कोर्ट ने आयोग को स्पष्ट निर्देश दिए कि विवादित प्रश्न को हटाया जाए और 2022 के नियमन (Regulation 2022) के अनुरूप प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम व नई मेरिट लिस्ट पुनः जारी की जाए।
High Court stays UKPCS main examination
दरअसल हरिद्वार निवासी कुलदीप सिंह राठी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर यह आरोप लगाया था कि आयोग द्वारा आयोजित पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन खंड का एक प्रश्न गलत तरीके से तैयार किया गया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि इस त्रुटिपूर्ण प्रश्न ने अभ्यर्थियों के अंक और मेरिट लिस्ट दोनों को प्रभावित किया, जिससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया। सुनवाई के दौरान राज्य लोक सेवा आयोग ने भी स्वीकार किया कि सामान्य अध्ययन के पेपर में एक प्रश्न वास्तव में गलत था और उसे मूल्यांकन से हटा दिया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। आयोग की इस स्वीकारोक्ति के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
गलत प्रश्न को हटाने का आदेश
मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र सिंह मैठाणी और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि “आयोग को विवादित प्रश्न को हटाना ही चाहिए था; इस गलती ने चयन प्रक्रिया को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है।” इसके साथ ही अदालत ने आयोग को आदेश दिया कि गलत प्रश्न को हटाकर प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी किया जाए और नए परिणाम के आधार पर मेरिट लिस्ट दोबारा बनाई जाए। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, पीसीएस 2025 की मुख्य परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।