उत्तराखंड देहरादूनNotice to former MLA Champion son Divya Pratap

उत्तराखंड: पूर्व विधायक चैंपियन के बेटे दिव्य प्रताप को नोटिस, 3 हथियारों के लाइसेंस निलंबित

जाँच में स्पष्ट होने के बाद देहरादून पुलिस ने हरिद्वार डीएम को हथियार लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश की, जिसके बाद आरोपी दिव्य प्रताप के तीन हथियारों के लाइसेंस रद्द किए गए।

Son of former MLA Champion: Notice to former MLA Champion son Divya Pratap
Image: Notice to former MLA Champion son Divya Pratap (Source: Social Media)

देहरादून: भाजपा के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बेटे दिव्य प्रताप सिंह पर दर्ज मारपीट और धमकाने के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। देहरादून पुलिस द्वारा जारी नोटिस के बाद दिव्य प्रताप आज पुलिस के समक्ष पेश हो सकता है। सोमवार को पुलिस ने उसे अपना पक्ष रखने और जांच में शामिल होने के लिए तीन दिन का समय दिया था।

Notice to former MLA Champion's son Divya Pratap

दरअसल 14 नवंबर की रात देहरादून के राजपुर क्षेत्र में पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी के बेटे आर. यशोवर्धन ने आरोप लगाया था कि मसूरी से लौटते समय उनकी कार को ओवरटेक किया गया। इसके बाद दूसरी कार से आए कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बेटे और उसके साथियों ने आर. यशोवर्धन साथ मारपीट की और लाइसेंसी हथियार दिखाकर धमकाया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसके आधार पर मामले ने गंभीर रूप ले लिया।

कॉन्स्टेबल राजेश सिंह निलंबित

देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पीड़ित आर. यशोवर्धन ने जो शिकायत दर्ज कराई थी, उसके आधार पर जांच की गई तो यह स्पष्ट हो गया कि कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बेटे दिव्य प्रताप ही गाड़ी में सवार थे. सीसीटीवी फुटेज की जांच में स्पष्ट हुआ है कि दिव्य प्रताप ने ही आर. यशोवर्धन को हथियार से मारने की धमकी दी। जाँच में यह भी पुष्टि हुई कि इस घटना के दौरान पुलिस का एक गनर कॉन्स्टेबल राजेश सिंह भी दिव्य प्रताप सिंह के साथ मौजूद था, जिसे निलंबित कर दिया गया है। आरोपी की पहचान स्पष्ट होने के बावजूद लगभग 24 घंटे तक मुकदमा “अज्ञात” में दर्ज रहने पर सवाल उठे। अब पुलिस ने आरोपियों के नाम स्पष्ट कर दिए हैं। मुकदमे में धारा 115(2), 324(4), 351(3) BNS, तथा धारा 30 आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराएँ जोड़ी गई हैं।

तीन हथियारों के लाइसेंस रद्द

जाँच में स्पष्ट होने के बाद देहरादून पुलिस ने हरिद्वार डीएम को हथियार लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश की, जिसके बाद आरोपी के तीन हथियारों के लाइसेंस रद्द किए गए। पुलिस ने घटनास्थल पर दिखी प्राइवेट एस्कॉर्ट वाहन को जब्त कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार इस घटना के बाद आरोपी दिव्य प्रताप की मां देवयानी सिंह ने पीड़ित पक्ष से कई बार बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली । उन्होंने माफी मांगने और केस वापस लेने का अनुरोध किया था, उनका दावा है कि “बच्चे ने पहली बार ऐसी गलती की है” उन्होंने सीसीटीवी में दिखाए गए हमले और राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के आरोपों से इंकार किया। आपकों बता दें कि पीड़ित आर. यशोवर्धन के पिता 1986 बैच के पूर्व IAS अधिकारी एस. रामास्वामी उत्तराखंड के 14वें मुख्य सचिव रहे। उनका कार्यकाल 1 दिसंबर 2016 से 14 अक्टूबर 2017 तक रहा। बाद में वे राजस्व बोर्ड के चेयरमैन भी रहे।

पुलिस ने की प्रश्नों की सूची तैयार

बताया जा रहा है कि देहरादून पुलिस द्वारा जारी नोटिस के बाद उम्मीद है कि आज बुधवार को आरोपी दिव्य प्रताप पुलिस के समक्ष पेश हो सकते हैं। राजपुर थाने की जांच टीम ने दिव्य प्रताप से पूछताछ के लिए प्रश्नों की एक सूची तैयार की है। ये सवाल मुख्य रूप से सीसीटीवी में दिख रहे घटनाक्रम की पुष्टि, हथियार दिखाकर डराने-धमकाने के आरोप, शिकायतकर्ता के बयानों से मेल और जांच में जोड़ी गई धाराओं से संबंधित स्पष्टीकरण पर केंद्रित होंगे। घटना की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार जिला मजिस्ट्रेट ने दिव्य प्रताप सिंह के नाम दर्ज तीन शस्त्र लाइसेंस—दो रिवॉल्वर और एक बंदूक—निलंबित कर दिए हैं। साथ ही उन्हें 15 दिनों में नोटिस का जवाब देने को कहा गया है कि क्यों न उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएं।