देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज दोपहर सचिवालय से सीधे आईएसबीटी देहरादून में व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। मुख्यमंत्री के अप्रत्याशित दौरे से प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने परिसर में स्वच्छता, यात्रियों की सुविधा, परिवहन प्रबंधन और समग्र संचालन व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया।
Seeing the filth at Dehradun ISBT, CM Dhami swept it
देहरादून ISBT परिसर के औचक निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कई स्थानों पर फैली गंदगी और अव्यवस्था देखकर गहरी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आईएसबीटी जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर स्वच्छता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी दौरान उन्होंने स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई कर अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि स्वच्छता अभियान केवल दस्तावेज़ों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए।
नियमित सफाई की समुचित व्यवस्था
सीएम धामी ने परिवहन विभाग एवं एमडीडीए अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि— आईएसबीटी परिसर में नियमित सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी स्थानों पर स्वच्छता से जुड़े जागरूकता बोर्ड लगाए जाएँ। यात्रियों को कचरे, धूल और प्रदूषण रहित वातावरण मिले यह अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी को विशेष रूप से निर्देश दिया कि स्वच्छता और व्यवस्था सुधार के लिए तुरंत एक प्रभावी कार्य योजना तैयार कर उसे प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए।
सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा
सीएम धामी ने इस दौरान बस संचालन व्यवस्था, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, पेयजल सुविधाएँ, शौचालय, दुकानों की स्थिति एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान परिवहन विभाग और एमडीडीए के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक प्रमुख पर्यटन और तीर्थ राज्य है, जहां हर वर्ष करोड़ों पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और परिवहन केंद्रों में उच्च स्तरीय स्वच्छता एवं बेहतर सुविधा व्यवस्था राज्य की शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए।
अधिकारियों को दी चेतावनी
मुख्यमंत्री ने आईएसबीटी में मौजूद यात्रियों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव जाने। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही पूरे प्रदेश में जनसहभागिता आधारित एक व्यापक स्वच्छता अभियान शुरू करने जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगली बार निरीक्षण के दौरान सभी व्यवस्थाएँ पूरी तरह सही दिखनी चाहिए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।