उत्तराखंड पिथौरागढ़Driver and former soldier died in Pithoragarh road accident

उत्तराखंड: अनियंत्रित होकर 150 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, पूर्व फौजी और चालक की दर्दनाक मौत

पिथौरागढ़ में मालाझूला के पास ऑल्टो अनियंत्रित होकर 150 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

Pithoragarh road accident: Driver and former soldier died in Pithoragarh road accident
Image: Driver and former soldier died in Pithoragarh road accident (Source: Social Media)

पिथौरागढ़: सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। थल तहसील क्षेत्र में एक ऑल्टो कार 150 मीटर गहरी खाई में गिर गई, इस हादसे में कार चालक और एक पूर्व सैनिक की मौके पर ही मौत हो गई।

Driver and former soldier died in Pithoragarh road accident

जानकारी के अनुसार, बीते शुक्रवार की शाम एक निजी ऑल्टो कार पिथौरागढ़ जिले के थल तहसील क्षेत्र से डुंगरीगाड़ा की ओर जा रही थी। इसी दौरान थल से करीब 9 किलोमीटर दूर मालाझूला के पास ऑल्टो अनियंत्रित होकर 150 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे के दौराण कार में ड्राईवर सहित दो लोग सवार थे, दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे की सूचना मिलते ही थल थानाध्यक्ष प्रकाश चंद्र पांडे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जिसके बाद पुलिस ने दोनों शवों को खाई से रेस्क्यू कर सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है।

मृतकों की पहचान

पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान डुंगरीगाड़ा निवासी 65 वर्षीय पूर्व फौजी मोहन सिंह बसेड़ा और सानीखेत निवासी 25 वर्षीय चालक तुषार चौहान के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे का शिकार हुए पूर्व फौजी मोहन सिंह बसेड़ा शुक्रवार सुबह अपनी पेंशन लेने थल के बैंक आए थे। बैंक से लौटते समय उनके घर से लगभग डेढ़ किलोमीटर पहले उनकी कार खाई में गिर गई।

स्थानीय लोगों की प्रशासन से गुहार

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। 15 जुलाई को भी थल-सातसिलिंग-पिथौरागढ़ मार्ग पर एक बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें आठ लोगों की मौत हुई थी। थल-पिथौरागढ़ और थल-उडियारी बैंड सड़कों के दोनों ओर बरसात के कारण घनी झाड़ियां उग आई हैं, जिससे सड़कें संकरी और खतरनाक हो गई हैं। ऐसे में दुर्घटनाओं का खतरा अधिक बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस इलाके में झाड़ियां हटाने, सड़कों को चौड़ा करने और खतरे वाले मोड़ों पर चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है।