उत्तराखंड टिहरी गढ़वालMP Baluni and MLA Kandari narrowly escaped the disaster

उत्तराखंड: आपदा में बाल-बाल बचे सांसद बलूनी और विधायक कंडारी, मलबे की चपेट में आया वाहन

डिग्री कॉलेज के पास अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा नीचे आ गिरा, जिसकी चपेट में सांसद अनिल बलूनी और विधायक विनोद कंडारी का वाहन आ गया। गनीमत रही कि वाहन में सभी लोग सुरक्षित रहे और किसी को कोई चोट नहीं आई।

MP Anil Baluni: MP Baluni and MLA Kandari narrowly escaped the disaster
Image: MP Baluni and MLA Kandari narrowly escaped the disaster (Source: Social Media)

टिहरी गढ़वाल: देवप्रयाग में भूस्खलन से सांसद अनिल बलूनी और विधायक विनोद कंडारी भूस्खलन की चपेट में आने से बाल-बाल बचे। आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने जाते समय उनके सरकारी वाहन में मलबा आ गया। गनीमत रही कि इस हादसे में वाहन सवार किसी भी व्यक्ति को कोई क्षति नहीं पहुंची।

MP Baluni and MLA Kandari narrowly escaped the disaster

सांसद अनिल बलूनी और विधायक विनोद कंडारी देवप्रयाग डिग्री कॉलेज के निकट सरकारी वाहन से आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने जा रहे थे। इसी दौरान डिग्री कॉलेज के पास अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा नीचे आ गिरा। इस दौरान सांसद अनिल बलूनी और विधायक विनोद कंडारी का वाहन भी भारी मलबे की चपेट में आ गया। गनीमत रही कि वाहन में सभी लोग सुरक्षित रहे और किसी को कोई चोट नहीं आई।
इसके बाद सांसद बलूनी तहसीलदार के वाहन से देवप्रयाग पहुंचे और वहां निर्धारित सभी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। कार्यक्रमों के बाद वे एक निजी वाहन से देहरादून के लिए रवाना हुए। वहीं, उनके एनएच की टीम ने मलबा हटाकर उनके सरकारी वाहन बाहर निकाला।

प्राकृतिक आपदाओं ने प्रदेश को दिए हैं गहरे घाव

सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि, “इस साल उत्तराखंड भीषण अतिवृष्टि और भूस्खलन से गंभीर संकट का सामना कर रहा है। इन प्राकृतिक आपदाओं ने प्रदेश को गहरे घाव दिए हैं, जिन्हें भरने में लंबा समय लगेगा। कल शाम आपदा प्रभावित क्षेत्र में देखा गया भूस्खलन का भयावह दृश्य मैंने सभी के साथ साझा किया। यह दृश्य स्वयं बताता है कि हमारा उत्तराखंड किस कठिन दौर से गुजर रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि वे बाबा केदारनाथ से प्रदेशवासियों के सुरक्षित जीवन, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की मंगलकामना करते हैं। साथ ही, उन्होंने आपदा प्रबंधन में जुटे एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के जवानों, प्रशासनिक अधिकारियों और सड़कों से मलबा हटाने वाले कर्मचारियों की निष्ठा और सेवाभाव की सराहना की।