हरिद्वार: जनपद हरिद्वार के होटल सिग्नेचर के कमरे में जेई ने संदिग्ध परिस्थित्तियों में आत्मदाह कर आत्महत्या कर दी। जेई ने आत्मदाह से पहले छोटे भाई को आखरी मैसेज भेजा था। मृतक की छह महीने पहले ही सगाई हुई थी। पुलिस द्वारा सूचित करने के बाद राजस्थान से मृतक के परिजन और मंगेतर के परिजन रोते बिलखते हरिद्वार पहुंचे।
JE set himself on fire in a hotel room in Haridwar
जानकारी के अनुसार बीते गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे राजस्थान निवासी मोहित नाम के एक युवक ने हरिद्वार होटल सिग्नेचर इन के कमरे नंबर 403 में चेक-इन किया। उसी दिन दोपहर बाद कमरे से धुआं उठने लगा। जिसे देखकर होटल स्टाफ ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दरवाजा खोलने का प्रयास किया। मास्टर चाबी से दरवाज़ा न खुलने पर पुलिस ने दरवाज़ा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। अंदर का नज़ारा बेहद भयावह था, कमरे के फर्श पर मोहित का जला हुआ शव पड़ा था। पुलिस ने मोहित के शव को कब्जे में लेकर कमरे को सीज किया। वहीं मौके पर पहुंची फॉरेंसिक (FSL) टीम ने कमरे से साक्ष्य जुटाए, कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।
भाई को भेजा आखिरी सन्देश
पुलिस जांच में पता लगा कि मृतक युवक 28 वर्षीय मोहित कुमार राजस्थान के नागौर जिले का मूल निवासी था। वर्तमान में मोहित पंजाब के बठिंडा में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) में जूनियर इंजीनियर के तौर पर कार्यरत थे। बीते छह महीने पहले ही उनकी सगाई हुई थी और घर में शादी की तैयारियां जोरों पर थीं। परिवार को ज़रा भी अंदेशा नहीं था कि उनका बेटा इस तरह मौत को गले लगा लेगा। पुलिस जांच में पता चला कि खुदकुशी से कुछ समय पहले मोहित ने अपने छोटे भाई को अंतिम संदेश भेजा। उसमें लिखा था –‘भाई, अपना और मां-बाबू का ख्याल रखना।’यह संदेश पढ़ते ही परिवार की दुनिया बिखर गई।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव
पुलिस द्वारा सूचित करने के बाद मृतक के परिजन और मंगेतर का परिवार राजस्थान से हरिद्वार पहुंचे। उन सभी लोगों का रो-रोकर उनका बुरा हाल था। शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि मोहित के मोबाइल और कॉल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं। अब तक आत्महत्या की कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसे परिवार राजस्थान ले गया। मोहित जैसे पढ़ाई और नौकरी में अव्वल नौजवान का यह कदम कई सवाल खड़े करता है, आखिर इतनी सफलता और उज्ज्वल भविष्य के बावजूद उन्होंने आत्महत्या क्यों की? क्या वे किसी निजी तनाव से गुजर रहे थे, जिसकी भनक परिवार को भी नहीं लगी? मोहित का आख़िरी संदेश ‘भाई, अपना और मां-बाबू का ख्याल रखना।’अब परिवार के लिए यह सिर्फ़ एक वाक्य नहीं, बल्कि उम्रभर की टीस बन गया है।