चमोली: उत्तराखंड के चमोली जनपद में शनिवार से शाम से हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही मचाई है। यहां मलारी हाईवे पर तमक नाले में अचानक बाढ़ आने से मोटर पुल बह गया। ये हाईवे 56 घंटे बंद रहने के बाद शनिवार को खुला था, लेकिन पुल बहने के कारण फिर से हाईवे बंद हो गया। इससे चीन सीमा से सटे नीती घाटी का अन्य क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह कट गया है।
Malari highway bridge washed away after heavy rain in Chamoli
बीते शनिवार की रात भारी बारिश के कारण एक बार फिर से चमोली-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर बाधित हो गया है। रोजमर्रा के कार्यों के लिए घर से निकलने वाले लोग भी रास्ते में फंसे हैं। ऋषिकेश-बद्रीनाथ नेशनल हाईवे कमेडा, चटवापीपल, नंदप्रयाग, भनीर पानी, पागलनाला के पास बंद है। यहां बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्री फंसे हुए हैं। इसके अलावा थराली विकासखंड में कोटदीप के पास सड़क बंद है। बीती रात यहां मलारी हाईवे पर तमक नाले में अचानक बाढ़ आने से मोटर पुल बह गया। इसके चलते चीन सीमा से सटे नीती घाटी का अन्य क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह कट गया है।
56 घंटे बाद खुला फिर बंद हो गया हाईवे
लाता गांव के पास चट्टान खिसकने से 56 घंटे तक बंद पड़ा मलारी हाईवे बीते शनिवार को खुला था। हाईवे खुलने के बाद नीती घाटी के ग्रामीणों के साथ ही सेना और आईटीबीपी के जवानों ने भी राहत की सांस ली थी। लेकिन आज रविवार सुबह तेज बारिश और बाढ़ के कारण तमक नाले का पुल बह जाने से घाटी का संपर्क फिर से टूट गया। जोशीमठ नीति बॉर्डर सड़क पर जोशीमठ से 35 किलोमीटर आगे तमक में सीमा सड़क संगठन द्वारा ये पुल बनाया गया था। इस पुल के बहने से नीति घाटी के आगे के गांव का और सीमा तक पहुंचने का मार्ग अवरुद्ध हो गया है। नीती घाटी के गांवों में इन दिनों स्थानीय लोग अपने आराध्य देवताओं की पूजा-अर्चना में जुटे हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग गांव लौटते हैं। हाईवे बाधित होने से जहां ग्रामीणों के साथ ही सेना और आईटीबीपी के जवानों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
मौसम विभाग की चेतावनी सही साबित
मौसम विभाग के हाइड्रोमेट डिवीजन ने पहले ही बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया था। विभाग ने शनिवार को चेतावनी दी थी कि 24 घंटे तक अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग में तेज बारिश और बाढ़ का खतरा बना रहेगा। रविवार सुबह तक हो रही बारिश ने विभाग की चेतावनी को सही साबित कर दिया। लगातार हो रही बारिश के कारण राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में दिक्कत आ रही है। तमक नाले का पुल बह जाने से नीती घाटी में फंसे लोगों के लिए सड़क मार्ग बंद हो गया है। प्रशासन के सामने एक बार फिर ग्रामीणों और जवानों की आवाजाही बहाल करना बड़ी चुनौती बन गया है।