रुद्रप्रयाग: केदारनाथ मंदिर से 3 किलोमीटर ऊपर चोराबाड़ी झील (गांधी सरोवर) के आसपास एक नर कंकाल पाया गया। इसकी सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची नर कंकाल को कब्जे में लिया। कंकाल के पास से मिली कॉलेज की आईडी के आधार पर उसकी शिनाख्त की जा रही है।
A skeleton ound near Chorabari lake in Kedarnath
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि केदारनाथ धाम में व्यवसाय कर रहे कुछ स्थानीय युवक चोराबाड़ी ग्लेशियर की ओर घूमने गए हुए थे। जहां उन्हें पत्थरों के बीच मनुष्य का कंकाल पड़ा मिला। युवकों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही चौकी केदारनाथ की पुलिस टीम और केदारनाथ में नियुक्त प्रशासन की टीम के सदस्य यात्रा मैनेजमेंट फोर्स (YMF) सहित मौके पर पहुंचे, और कंकाल को कब्जे में लिया। पुलिस को कंकाल के पास से एक बैग भी मिला है, जिसमें एक मोबाइल फोन और कॉलेज आईडी थी।
31 अगस्त 2024 को दर्ज हुई थी गुमशुदगी
पुलिस प्रशासन और वाईएमएफ टीम ने कंकाल को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग भेजा है। साथ ही पुलिस ने मौके से बरामद की गई कॉलेज आईडी के आधार पर तेलंगाना पुलिस को संपर्क किया। संबंधित जिले की पुलिस ने बताया कि आईडी वाले व्यक्ति की गुमशुदगी 31 अगस्त 2024 को दर्ज की गई थी। परिजनों का इससे आखिरी बार 30 अगस्त 2024 को संपर्क हुआ था। उसने परिजनों को बताया था कि वो उत्तराखंड में है, जबकि घर से निकलते समय उसने दिल्ली जाने की बात कही थी।
तेलांगना निवासी था युवक
इस व्यक्ति की पहचान नोमुला रोश्वन्थ पुत्र नोमुला गणेश के रूप में हुई है, जो विलेज इब्राहिमपट्टनम मंडल जिला जगतियाल तेलंगाना का मूल निवासी था और बीते एक साल से लापता था। अनुमान लगाया जा रहा है कि बरामद की गई कॉलेज आईडी उक्त मृतक व्यक्ति की ही है। हालांकि अभी इस बात की जांच कर रही है कि कंकाल के पास जो आईडी मिली है वो उसकी है या नहीं।
प्रशासन ने लगाई है जाने पर रोक
आपको बता दें कि केदारनाथ मंदिर से 3 किलोमीटर ऊपर स्थित चोराबाड़ी झील समुद्रतल से करीब 12,800 फीट की ऊंचाई पर है। साल 2013 की आपदा के लिए भी इसी झील जिम्मेदार माना जाता है। प्रशासन ने इस जगह जाने पर रोक लगा रखी है, इसके बावजूद कई यात्री इस जगह जाते रहते हैं।