उत्तराखंड उधमसिंह नगरStudent sends email threatening to bomb school

उत्तराखंड: स्कूल को बम से उड़ने का आया ईमेल, हिल गया प्रशासन.. फिर सामने आई छात्र की शरारत

शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड मौके पर पहुंचे और पूरे स्कूल कैंपस की गहन तलाशी की। लेकिन तलाशी अभियान में स्कूल परिसर में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिल पाई।

threatening email: Student sends email threatening to bomb school
Image: Student sends email threatening to bomb school (Source: Social Media)

उधमसिंह नगर: बाजपुर स्थित एक निजी स्कूल में उस समय हड़कंप मच गया जब स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल प्राप्त हुआ। धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रशासन और पुलिस सतर्क हो गई। बॉम्ब स्क्वाड और डॉग स्क्वाड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्कूल परिसर का कोना-कोना छान मारा। हालांकि तलाशी अभियान में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।

Student sends email threatening to bomb school

जानकारी के अनुसार बीते गुरुवार को देर रात करीब 10:30 बजे उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर में स्थित एक निजी स्कूल के आधिकारिक मेल आईडी पर एक धमकी भरा ईमेल आया। स्कूल प्रशासन ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दी। इसके बाद आज शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड मौके पर पहुंचे और पूरे कैंपस की गहन तलाशी की। लेकिन तलाशी अभियान में स्कूल परिसर में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।

जांच में हुआ मामले का चौंकाने वाला खुलासा

पुलिस जांच में इस मामले का चौंकाने वाला पहलू सामने आया। दरअसल धमकी देने वाला कोई बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि उसी स्कूल में पढ़ने वाला 11वीं कक्षा का छात्र निकला। छात्र ने पूछताछ में बताया कि उसने यह ईमेल परीक्षा से बचने के लिए भेजा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार छात्र ने यह हरकत केवल परीक्षा के डर से की, जिससे स्कूल बंद हो जाए और वो पेपर देने से बच सके।

छात्र को किया गया पुलिस के हवाले

कोतवाल प्रवीण कोश्यारी ने बताया कि जांच के दौरान कहीं भी विस्फोटक जैसी कोई चीज़ नहीं मिली। वहीं, स्कूल के सचिव आईपी बरार ने पुष्टि की कि यह शरारत स्कूल के ही 11वीं के छात्र ने की थी। छात्र को पुलिस के हवाले कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि जब धमकी की जानकारी पहले ही मिल गई थी तो सुरक्षा की दृष्टि से स्कूल को बंद कर देना चाहिए था। परिजनों ने सवाल उठाया कि ऐसे हालात में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्कता बरती जानी चाहिए थी।