उत्तराखंड उत्तरकाशीSyanachatti evacuated as landslide created lake in Yamuna

उत्तरकाशी: खतरा अभी टला नहीं, भूस्खलन के मलबे ने यमुना में बनाई झील.. खाली कराई गई स्यानाचट्टी

भारी मात्रा में मलवा कुपड़ा खड्ड नामक गाड से आया, इसके बाद यमुना नदी का बहाव थम गया। स्यानाचट्टी के पास यमुना नदी में एक बड़ी झील बन गई और भारी बारिश के बाद पहले से ही जमा पानी आसपास के घरों, दुकानों, होटलों और स्कूल में घुस गया।

Syanachatti: Syanachatti evacuated as landslide created lake in Yamuna
Image: Syanachatti evacuated as landslide created lake in Yamuna (Source: Social Media)

उत्तरकाशी: क्या ये फिर नए खतरे की आहट है? यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यानाचट्टी में यमुना नदी पर मलबा आ गया, जिसकी वजह से स्यानाचट्टी में एक कृत्रिम झील बन गई है। यमुना का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है। स्कूल, पुल और कई होटल पानी की जद में नजर आ रहे हैं। पूरे इलाके को खाली करा दिया गया है।

Syanachatti evacuated as landslide created lake in Yamuna

यमुनोत्री एनएच पर स्यानाचट्टी के पास अचानक से कुपड़ा खड्ड में भारी मलबा और बोल्डर आ गए, जिससे यमुना का प्रवाह रुक गया। स्यानचट्टी के पास पिछले दिनों की बारिश के बाद पहले से ही काफी पानी जमा हुआ था। मलबा आने के बाद यहां कृत्रिम झील का आकार बढ़ गया है, जिससे आसपास के भवनों, दुकानों, होटलों और स्कूलों में पानी घुस गया है। यमुनोत्री हाईवे पर बने मोटर पुल का भी डूबने का खतरा बना गया है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।

कुपड़ा खड्ड के मलबे ने बनाई झील

यमुनोत्री धाम राजमार्ग के एक मुख्य पड़ाव स्यानाचट्टी से थोड़ी ही दूर पर यमुना नदी में भारी मालवा और बॉर्डर आ गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारी मात्रा में मलवा कुपड़ा खड्ड नामक गाड से आया, इसके बाद यमुना नदी का बहाव थम गया। स्यानाचट्टी के पास यमुना नदी में एक बड़ी झील बन गई और भारी बारिश के बाद पहले से ही जमा पानी आसपास के घरों, दुकानों, होटलों और स्कूल में घुस गया। राजमार्ग पर बने पुल का भी डूबने का खतरा बना हुआ है, जिससे यमुना घाटी का मुख्यालय से संपर्क टूटने की चिंता में स्थानीय लोग दहशत में हैं।

काफी समय से चल रहा यमुना चैनलाईजेशन का काम

कई दिनों की भारी बारिश के बाद, जब आज चटक धूप हुई, तो ढेर सारा मालवा और पत्थर कुपड़ा खड्ड गाड से आकर यमुना नदी में समा गए। इससे यमुना नदी में रोक लग गई और एक कृत्रिम झील बन गई। स्थानियों के मुताबिक काफी लंबे समय से सिंचाई विभाग की तीन पोकलेन मशीन यमुना नदी में पानी के चैनेलाइजेशन का काम कर रही है, लेकिन बार-बार कुपड़ा खड्ड का पानी इस काम को प्रभावित कर रहा है। इस बार पानी के साथ भारी मात्रा में मालवा और पत्थर आने के बाद स्यानाचट्टी में झील की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मौके पर अभी एसडीआरएफ की एक टीम मौजूद है जबकि अन्य टीमों को इस कृत्रिम झील को खोलने के लिए भेजा जा रहा है।