हरिद्वार: राज्य कर विभाग द्वारा हरिद्वार की तीन आयरन और स्टील निर्माता कंपनियों में छापेमारी की गई. छापेमारी के दौरान कच्चे और तैयार माल के आंकड़ों में गंभीर विसंगतियां पाई गई। कर विभाग द्वारा इन कंपनियों से छापेमारी के दौरान ही 2.10 करोड़ रुपये की राशि टैक्स के रूप में वसूल की गई।
State Tax Department raids 3 iron-steel firms in Haridwar
राज्य कर विभाग द्वारा हरिद्वार संभाग के लक्सर क्षेत्र में स्थित तीन आयरन और स्टील निर्माता फर्मों पर छापेमारी की गई। दरअसल इन फर्मों के खिलाफ जीएसटी चोरी शिकायतें सामने आ रही थी। कर विभाग की टीम द्वारा की गई छापेमारी के दौरान फर्मों के कच्चे और तैयार माल के आंकड़ों में भारी विसंगतियां पाईं गई। कर विभाग ने फर्मों में कार्रवाई के दौरान ही तत्काल 2.10 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में वसूल कर सरकार के खाते में जमा करा दिए।
लंबे समय से कर रहे थे टैक्स चोरी
विभागीय जांच में पता चला कि संबंधित कंपनियां अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाकर अपने जीएसटी रिटर्न दाखिल कर रही थीं। इन कंपनियों ने रिटर्न में कैश भुगतान को शून्य दर्शाया, जबकि वास्तविकता में टैक्स की एक बड़ी राशि बकाया थी। अधिकारियों का मानना है कि ये कंपनियां लंबे समय से इस प्रकार की टैक्स चोरी में शामिल रही हैं। छापेमारी के दौरान विभागीय टीम ने कंपनियों के निर्माण स्थलों और कार्यालयों से सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज, रजिस्टर और बिल जब्त कर लिए हैं। अब इस पूरे मामले की जांच राज्य कर विभाग की विशेष इकाई द्वारा की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद बकाया टैक्स की वसूली के साथ-साथ अन्य दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
टैक्स चोरी नहीं की जाएगी बर्दास्त
राज्य कर आयुक्त सोनिका ने कहा कि टैक्स चोरी किसी भी स्थिति में बर्दास्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कर चोरी में शामिल कंपनियों और समय पर बकाया टैक्स जमा न करने वाली इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग लगातार ऐसे मामलों की निगरानी कर रहा है ताकि राजस्व को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो। छापेमारी की कार्रवाई में उपायुक्त दीपक कुमार, मनीषा सैनी और कार्तिकेय वर्मा के अलावा अन्य अधिकारी भी शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई एक विशेष अभियान के तहत की गई है, और भविष्य में और भी फर्मों की जांच की जाएगी।