उत्तरकाशी: आपदा के बाद आज 7वें दिन भी उत्तरकाशी के धराली में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। धराली आपदा में अब तक 1200 से अधिक लोगों को हेली के माध्यम से सुरक्षित निकाला जा चुका है। लेकिन अब भी मलबे में कई लोग दबे हुए हैं, जिनमें कुछ सेना के जवान भी शामिल हैं। रेस्क्यू टीम द्वारा मलबे में दबे लोगों की खोज करने के लिए "डॉग स्क्वॉड" की भी मदद ली जा रही है।
Second phase of rescue operation started in Dharali disaster
उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा के बाद रेस्क्यू अभियान निरंतर चल रहा है। सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ-साथ उत्तराखंड पुलिस रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है। धराली आपदा में अब तक 1200 से अधिक लोगों को हेली के माध्यम से सुरक्षित निकाला जा चुका है। लेकिन अब भी मलबे में कई लोग दबे हुए हैं, जिनमें कुछ सेना के जवान भी शामिल हैं। राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (NGRI) का ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) अब मलबे में दबी जिंदगियों की तलाश करेगा। इसके लिए एनजीआरआई की विशेषज्ञ टीम धराली पहुंच चुकी है।
अरुण मोहन जोशी बनाए गए घटना कमांडर
पुलिस ने धराली में खोज और बचाव अभियान का दूसरा चरण आरंभ कर दिया गया है। इसके लिए IG SDRF अरुण मोहन जोशी को घटना कमांडर और कमांडेंट SDRF अर्पण यदुवंशी को उप कमांडर नियुक्त किया गया है। पुलिस टीम, सेना, आईटीबीपी, एनडीआरफ और एसडीआरएफ द्वारा मलबे के बीच खुदाई कर लापता लोगों को ढूढा जा रहा है। वहीं, निम और सेना रेको डिडेकटर मशीन से सर्च अभियान चला रही है। रेस्क्यू टीम द्वारा मलबे में दबे लोगों की खोज करने के लिए "डॉग स्क्वॉड" की मदद भी ली जा रही है।
अधिकारी और श्रमिक हेलीकॉप्टर से पहुंच रहे हर्षिल
उत्तरकाशी और हर्षिल को जोड़ने वाले लिमचा गाड़ में पुल भी आपदा में टूट गया था, जिसका पुनर्निर्माण किया जा चुका है। इस पुल के निर्माण से आपदाग्रस्त क्षेत्र में मशीनरी और राहत सामग्री की आसान आवाजाही हो सकेगी। सिंचाई विभाग हर्षिल में बनी कृत्रिम झील से पानी की निकासी रास्ता बनाने का काम मैनुअल करने की तैयारी में है। सिंचाई विभाग के अधिकारी और श्रमिक आज हेलिकाप्टर के माध्यम से हर्षिल पहुंच रहे हैं। अधिकारियों को धराली और हर्षिल में ही कैंप करने का भी निर्देश दिया गया है। वहीं झील पर जल निकासी का कार्य करने के लिए UJVNL की टीम भी हर्षिल पहुंच चुकी है।
धराली में संपदा के नुकसान का आंकलन
वहीं धराली आपदा क्षेत्र में मकान, ज़मीन, खेती और अन्य नुकसान के मुआवजे का आकलन प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीएम और संबंधित विभागों के सचिवों को धराली आपदाग्रस्त क्षेत्र में क्षतिग्रस्त निजी और सार्वजनिक संपत्तियों का आकलन सात दिन के भीतर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। आकलन तैयार होते ही मुख्य सचिव को केंद्र सरकार को भेजने के लिए कहा गया है। उत्तराखंड सरकार ने धराली में आपदा प्रभावित 98 परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक प्रदान किए हैं।