उत्तराखंड उधमसिंह नगरDowry takes yet another life in Uttarakhand

Uttarakhand: दहेज-लोभियों ने किया इतना परेशान, नवविवाहिता ने ले ली अपनी जान, पति समेत 8 पर मुकदमा दर्ज

मृतका के पिता ने बताया कि उनकी बेटी को ससुराल वाले दहेज में बीस लाख रुपये और एक बड़ी गाड़ी की मांग कर रहे थे। जब उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई तो वे उपासना के साथ मारपीट करने लगे, और दहेज न देने पर छोड़ने और जान से मारने की धमकी देते थे।

harassed for dowry: Dowry takes yet another life in Uttarakhand
Image: Dowry takes yet another life in Uttarakhand (Source: Social Media)

उधमसिंह नगर: जसपुर में एक 23 वर्षीय नवविवाहिता अपने मायके में आकर आत्महत्या कर ली है। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, मृतका के पिता ने इस मामले में पुलिस के पास शिकायत दर्ज की है। पुलिस ने मृतका के पति सहित आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

Dowry takes yet another life in Uttarakhand

जानकारी के अनुसार, जसपुर के निवासी करतार सिंह, जसवंत सिंह के पुत्र, ने पुलिस को एक तहरीर दी थी। उन्होंने तहरीर में बताया कि 26 अप्रैल 2024 को उनकी 23 वर्षीय बेटी उपासना की शादी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के सेक्टर 9 निवासी अंशुल सिंह पुत्र देवेंद्र सिंह के साथ हुई थी। उन्होंने अपनी बेटी की शादी में अपनी सामर्थ्य से अधिक दहेज दिया था, लेकिन बेटी ससुराल वाले इतने दहेज से संतुष्ट नहीं थे। इसलिए उपासना का पति अंशुल सिंह, सास कुसुम सिंह, ससुर देवेंद्र सिंह, चाचा प्रदीप, ननद निकिता, श्वेता और ननदोई विकास कुमार, अमित कुमार ने दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।

दहेज न देने पर जान से मारने की धमकी

मृतका के पिता ने बताया कि उनकी बेटी को ससुराल वालों की ओर कई प्रकार के ताने और प्रताड़ना मिल रही थी। वे लोग दहेज में बीस लाख रुपये और एक बड़ी गाड़ी की मांग कर रहे थे। जब उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई तो वे उपासना के साथ मारपीट करने लगे, और दहेज न देने पर छोड़ने और जान से मारने की धमकी देने लगे थे। उपसना ने काफी समय तक यह सब सहन किया, लेकिन जब मामला मारपीट तक पहुंचा, तो उसने अपनी समस्या अपने मायके वालों को बताई। इसके बाद मायके वाले बेटी के ससुराल गए और उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे लोग दहेज की मांग पर अड़े रहे।

उपासना ने की आत्महत्या

जिसके बाद मायके वालों को मजबूरन अपनी बेटी को अपने साथ लाना पड़ा, तब से उपासना मायके में ही रहने लगी। उपासना ने कई बार अपने पति को फोन कर समझाने की कोशिश की, लेकिन वो मानने को तैयार नहीं था। आखिरकार उपासना ने हारमानी और परेशान होकर आत्महत्या कर ली। करतार सिंह ने बताया कि वो और उनकी पत्नी अपने बेटे को परीक्षा दिलाने के लिए बाहर गए थे। उन्होंने अपनी बेटी को कई बार फोन किया लेकिन उपासना ने फोन रिसीव नहीं किया। जब वे तीनों घर लौटे तो उन्होंने देखा कि दरवाजा अंदर से बंद था। जिसके बाद वे पड़ोसी के घर की छत से चढ़कर अपने घर के अंदर गए और उन्होंने देखा कि उनकी बेटी उपासना मृत पड़ी थी।

आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को घटना की सूचना दी, सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने उपासना के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने पीड़ित पिता करतार सिंह द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर ससुराल पक्ष के आठ लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 80(1), 80(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं इस पूरे मामले की जांच सीओ दीपक सिंह कर रहे हैं। पुलिस को उपासना के शव के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है।