देहरादून: ब्रांडेड कंपनियों की नकली दवाइयां बनाकर बेचने वाले फैक्ट्री मालिक को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। अब तक नकली दवाइयां बनाकर बेचने वाले गिरोह के सरगना सहित 4 सदस्यों को एसटीएफ गिरफ्तार कर चुकी है। गिरोह द्वारा नकली दवाइयों को ब्रांडेड मेडिसन कंपनियों के रैपर में पैक कर उत्तर भारत के अलग-अलग शहरों में सप्लाई किया जाता था। साथ ही आरोपी का संगठित अपराध में शामिल होना पाया गया है।
Owner of fake medicine factory busted by STF
विभिन्न ब्रांडेड दवाई कंपनियों की जीवन रक्षक दवाइयों की हूबहू नकल कर नकली दवाइयों के विक्रय की शिकायत मिलने पर पुलिस लगातार इस ओर काम कर रही थी, लेकिन गिरोह को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। 1 जून को कई प्रतिष्ठित दवाई कंपनियों के रैपर के नकली आउटर बॉक्स, लेबल और क्यूआर कोड भारी मात्रा में बरामद हुए थे। इनके साथ एक व्यक्ति संतोष कुमार को गिरफ्तार किया गया था। उसके साथ ही एसटीएफ ने नवीन बंसल और आदित्य काला को गिरफ्तार किया था। घटना के बाद फैक्ट्री मालिक देवी दयाल गुप्ता फरार चल रहा था।
आरोपी देवी दयाल गुप्ता गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपी नवीन बंसल ने पूछताछ में बताया था कि वह सहसपुर क्षेत्र में स्थित एक लैब और अन्य फैक्ट्री से नकली दवाइयां तैयार करवाता था। इन दवाइयों को ट्रांसपोर्ट के माध्यम से हरियाणा और राजस्थान आदि स्थानों में भिजवाता था। जिसके बाद एसटीएफ टीम ने आज कम्पनी के मालिक आरोपी देवी दयाल गुप्ता को गिरफ्तार किया है।
ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर जाती थी सप्लाई
एसटीएफ एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि देवी दयाल गुप्ता, नवीन बंसल को भारी मात्रा में नकली दवाइयां अपनी फैक्ट्री और एक लैब से बनवाकर देता था। आरोपी ने साल 2021 से साल 2025 तक लगभग 1 करोड़ 42 लाख 30 हजार टैबलेट्स और लगभग 2 लाख कैप्सूल नवीन बंसल को अवैध तरीके से तैयार करके दिए हैं। ये सभी दवाइयां ब्रांडेड मेडिसन कंपनियों के रैपर में पैक कर नवीन बंसल उत्तर भारत के अलग-अलग शहरों में सप्लाई करता था। साथ ही आरोपी का संगठित अपराध में शामिल होना पाया गया है। नकली दवाईयों के बाजार में विक्रय होने और उनके जीवन रक्षक औषधि के रूप में प्रयोग करने से आम जनमानस के स्वास्थ्य में उल्टे दुष्प्रभाव होता है, वहीं राजस्व का भी नुकसान होता है।