उत्तराखंड ऋषिकेशPiyush Aggarwal built illegal road on government land

उत्तराखंड: प्रेमचंद अग्रवाल के बेटे ने सरकारी भूमि पर बनाई अवैध सड़क, दो बार जांच के बाद मुकदमा

आरोपी पीयूष अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले उपराजस्व निरीक्षक सीएस पुंडीर ने इस मामले की जांच की थी, जिसके बाद जांच रिपोर्ट यमकेश्वर के उपजिलाधिकारी को प्रस्तुत की गई।

Piyush Aggarwal: Piyush Aggarwal built illegal road on government land
Image: Piyush Aggarwal built illegal road on government land (Source: Social Media)

ऋषिकेश: हाल ही में इस्तीफा दे चुके उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के बाद अब उनके बेटे भी प्रदेश को अपनी जागीर समझ रहे हैं. कुछ समय पहले पियूष अग्रवाल पर रिजॉर्ट के लिए बिना अनुमति पेड़ काटने और जेसीबी से खुदान करने का आरोप भी लगा था. अब पीयूष अग्रवाल ने सरकारी भूमि पर बिना अनुमति सड़क बनाई है. पीयूष अग्रवाल के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

Piyush Aggarwal built illegal road on government land

बीते गुरुवार को पौड़ी के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि आरोपी पीयूष अग्रवाल के खिलाफ यमकेश्वर के उप जिलाधिकारी अनिल चन्याल की अदालत में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीयूष अग्रवाल ने अपने प्रस्तावित होटल तक पहुंचने के लिए इस सड़क का निर्माण किया है। उन्होंने बताया कि आरोपी पीयूष अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले उपराजस्व निरीक्षक सीएस पुंडीर ने इस मामले की जांच की थी, जिसके बाद जांच रिपोर्ट यमकेश्वर के उपजिलाधिकारी को प्रस्तुत की गई।

दो बार की गई मामले की जांच

जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकारी भूमि पर मुख्य मार्ग से नीचे की ओर अवैध रूप से 24 मीटर लंबी, 4 मीटर चौड़ी और 1.5 मीटर गहरी सड़क का निर्माण किया गया है। सीएस पुंडीर ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा था कि खसरा नंबर 5889 की सरकारी जमीन लक्ष्मण झूला क्षेत्र की मराल ग्राम पंचायत, पट्टी उदय पुर तल्ला के अंतर्गत गांव खैरखाल तोक में है। सरकारी दस्तावेजों में यह जगह एक झाड़ी के रूप में दर्ज है। जिलाधिकारी आशीष चौहान ने वर्तमान राजस्व उप निरीक्षक वीएस गुसाईं को दोबारा इस मामले की जांच करने को कहा, दोबारा की गई जांच में भी इन आरोपों की पुष्टि हुई। सभी आरोपों की पुष्टि किए जाने के बाद आरोपी पीयूष अग्रवाल के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।