चमोली: उत्तराखंड के डुगक गांव के ग्रामीण सड़क किनारे कर रहे अनशन, एंबुलेंस के आगे लेट गए लोग.. ग्रामीणों का आरोप, पुलिस लोगों को घसीट रही थी ।
Police dragged strikers to admitted in hospital
गोपेश्वर में सड़क की मांग को लेकर अनशनरत लोगों को पुलिस ने जबरन उठा कर अस्पताल में भर्ती करा दिया। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। अनशनकारियों और ग्रामीणों की पुलिस से धक्कामुक्की हुई। इसके बाद ग्रामीणों को पुलिस एंबुलेंस में ले जाने लगी तो वह एंबुलेंस के आगे लेट गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने लोगों को घसीटना शुरू कर दिया था।
तीन माह से आंदोलनरत हैं ग्रामीण
डुमक गांव को सड़क से जोड़ने की मांग को लेकर ग्रामीण तीन माह से आंदोलनरत थे। अनशन पर बैठे अंकित भंडारी और अनिरुद्ध सनवाल की तबियत बिगड़ने पर उन्हें प्रशासन ने अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद ग्रामीण भड़क गए, आन्दोलनकारियों को अस्पताल में भर्ती करने आये पुलिसकर्मियों के साथ काफी देर हंगामे के बाद डीएम के कहने पर वह अस्पताल जाने को तैयार हुए। इसके बाद दो और लोग अनशन पर बैठे गए। जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद पुलिस पर आरोप है कि सड़क की मांग को लेकर अनशनरत लोगों को पुलिस ने जबरन उठा कर अस्पताल में भर्ती करा दिया।