चमोली के लाल ने किसान पिता से वादा निभाया, परिवार को मिला पहला आर्मी अफसर

चमोली के लाल ने किसान पिता से वादा निभाया, परिवार को मिला पहला आर्मी अफसर

Chamoli mayank bisht become army officer - Uttarakhand news, mayank bisht, ima  ,उत्तराखंड,

उत्तराखंड के वीर सपूतों ने एक बार फिर से साबित कजर दिखाया है कि देशसेवा के मामले में उनका कोई सानी नहीं है। इस बार भी उत्तराखंड ने देश को सबसे ज्यादा आर्मी अफसर दिए हैं। शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी से देश को 383 आर्मी अफसर मिले। हर सपूत की अपनी एक अलग कहानी है। इन्हीं में से एक हैं चमोली जिले का लाल। पिता का नाम है हिम्मत सिंह बिष्ट, जो कि चमोली के तलवाड़ी गांव के किसान हैं। हिम्मत सिंह बिष्ट के बेटे का नाम है मयंक बिष्ट। शनिवार को आईएमए से पासआउट होकर मयंक बिष्ट सेना में अफसर बन गए हैं। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि मयंक बिष्ट की दादी भी इस दौरान मौजद हैं और उत्तराखंड के पारंपरिक परिधान पहने हुए हैं। पहाड़ के लाल मयंक बिष्ट के संघर्ष की कहानी भी दिलचस्प है।

यह भी पढें - कपकोट ब्लॉक के लाला ने पहली सेन्य अधिकारी की वर्दीॉ...गर्व है
मयंक ने रतन विद्या निकेतन लोलटी से शुरुआती शिक्षा दीक्षा हासिल की है। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय विद्यालय ग्वालदम से पढ़ाई की। ग्वालदम से पढ़ाई पूरी की तो मयंक बिष्ट ने इसके बाद इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। इसके बाद उन्होंने CDS का पेपर दिया और IMA में एंट्री पाई। मयंक के बडे़ भाई गौरव बिष्ट ITBP में इंजीनियर हैं। मयंक बिष्ट अपने परिवार के पहले सैन्य अधिकारी हैं। पासिंग आउट परेड के दौरान मयंक बिष्ट के परिवार वाले बेहद खुश थे। किसान पिता के चेहरे पर खुशी साफ दिख रही थी। माता, भाई, भाभी और दादी के चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती है। शाबाश मयंक बिष्ट आपने चमोली ही नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। इस कामयाबी के लिए आपको हार्दिक शुभकामनाएं।


Uttarakhand News: Chamoli mayank bisht become army officer

Content Disclaimer (Show/Hide)
लेख शेयर करें