मिलिए उत्तराखंड के उस विधायक से, जो 101 लोगों के संयुक्त परिवार के मुखिया हैं

मिलिए उत्तराखंड के उस विधायक से, जो 101 लोगों के संयुक्त परिवार के मुखिया हैं

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राजनीति से इतर कुछ ऐसी बातें भी होने चाहिए, जो परंपरा से जुड़ी हों। उत्तराखंड वास्तव में परंपरा का धनी राज्य है। यहां कोई बड़ा शख्स हो, या फिर छोटा...हर कोई अपनी परंपराओं को भली भांति निभाता है। खास तौर पर देहरादून जिले के जनजातीय क्षेत्र जौनसार-बावर में संयुक्त परिवार प्रथा आज भी मजबूत और गहरी है। जौनसार-बावर में आज भी भरे-पूरे परिवार में एक ही चूल्हा जलता है और सब मिल बैठ कर खाना खाते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां किसी किसी परिवार में तो सदस्यों की संख्या डेढ़ सौ को भी पार कर जाती है। यहां की परंपरा कहती है कि परिवार जितना बड़ा होगा, समाज में प्रतिष्ठा उतनी ही ज्यादा होती है। इन्हीं में से एक हैं चकराता विधायक प्रीतम सिंह। राजनीति को एक तरफ रखें तो प्रीतम सिंह परंपरावादी शख्सियत हैं।

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आपको जानकर हैरानी होगी प्रीतम सिंह के परिवार में कुल मिलाकर 101 सदस्य हैं। ना जाने कितने वर्षों से राजनीति और परिवार के बीच तालमेल बिठाने का काम खुद प्रीतम सिंह कर रहे हैं। राजनीति पर ध्यान दें तो परिवार टूटने का डर और परिवार पर ध्यान दें, तो राजनीति के कमजोर होने का डर। लेकिन ये बात सच है कि प्रीतम सिंह को विरासत में मिली राजनीति और संयुक्त परिवार की अच्छी प्रथा आज भी बरकरार है। प्रीतम अपने परिवार के मुखिया हैं इसलिए 8 भाईयों का उनका परिवार पैतृक गांव बुनाड़-बास्तील में एक छत के नीचे रहता है। 18 भाइयों में से 8 भाई सरकारी नौकरियों पर हैं, इस वजह से उनका परिवार बाहर रहता है। लेकिन परिवार में सबसे बड़ा होने की वजह से प्रीतम सिंह के एक आदेश का पालन बीते 15 सालों से हो रहा है।

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बाहर नौकरी करने वाले सभी भाइयों को परिवार के मुखिया का आदेश है कि एक साल में दो बार अपने गांव आना होगा। माघ के महीने और गर्मियों की छुट्टियों में 10 से 15 दिन के लिए हर कोई छुट्टी लेकर अपने गांव बुनाड़ बास्तील पहुंचता है। इस दौरान प्रीतम सिंह अपनी 17 बहनों को भी गांव में स्थित पैतृक आवास पर आमंत्रित करते हैं। इतना समझ लीजिए कि साल में 30 दिन तो प्रीतम सिंह का पैतृक घर गुलजार रहता है। 101 लोगों के इस संपूर्ण परिवार को एक साथ रखने के लिए गांव में ही एक खूबसूरत घर बनाया गया है। स्थानीय शैली से बना ये घर बेहद शानदार है। इस दौरान परिवार के सभी सदस्य पारंपरिक पहनावा. स्थानीज भोजन कतो आत्मसात करते हैं। चार बार चकराता सीट से विधायक रह चुके प्रीतम सिंह पीसीसी अध्यक्ष हैं।


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