‘त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथ में दारू और चखना?’, इस झूठी खबर का सच जान लीजिए

‘त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथ में दारू और चखना?’, इस झूठी खबर का सच जान लीजिए

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हम भी हैरान थे लेकिन ज़रा संभले हुए थे। जैसा कि आप जानते हैं कि हम आपके सामने सोशल मीडिया पर फैलने वाले झूठ का कई बार पर्दाफाश कर चुके हैं। चाहे उत्तराखंड के सिंगर गजेंद्र सिंह राणा के मौत की झूठी खबर हो, चाहे अगस्तयमुनि में बवाल के नाम फैला झूठ हो, हर बार हमने आपको सच से रू-ब-रू कराने की कोशिश की है। दरअसल सोशल मीडिया और हमारी भावनाओं के बीच एक महीन सी लकीर है, ये लकीर कब टूट जाए, कोई नहीं जानता। एक झूठी फोटो किस तरह से वायरल होकर किसी की इज्जत का फ़ालूदा बना देती है, ये सोशल मीडिया की ही देन है। हाल ही में फेसबुक को देखते देखते हमारी टीम ने एक गजब की पोस्ट देखी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री जैसा दिखने वाला एक शख्स, जिसने हाथ में दारू की बोतल पकड़ी है, सामने मेज पर चखना रखा है।

satya singh rawat
देखने वाले तो पहली ही बार में इस तस्वीर को देखकर सन्न रह जाएं। लेकिन सच ये है कि ये तस्वीर सत्य सिंह रावत की है। जी हां राज्य समीक्षा ने जब इस फोटो की पड़ताल की तो पता चला कि सत्य सिंह रावत CISF से रिटायर्ड हैं। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी सत्यसिंह गड़कोट गांव के रहने वाले हैं। इनका हाल पता देहरादून है। इस तस्वीर ने मुख्यमंत्री कार्यालय में हड़कंप मचा दिया।
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सीएम दफ्तर ने मामले की जांच के आदेश साइबर सेल को दे दिए। उधर इसी फोटो के बहाने विपक्षी दल और सीएम त्रिवेंद्र केे विरोधियों को तो जैसे लगे हाथ मौका मिल गया। विरोधी मुख्यमंत्री की छवि धूमिल कर रहे थे। मीडिया से बातचीत में सत्य सिंह रावत का कहना है कि इस फोटो में सीएम नहीं बल्कि वो खुद हैं। सत्य सिंह के मुताबिक ये फोटो 18 अप्रैल 2018 को खींची गई थी, जिसमें वो अपने दो साथियों के साथ घर में सोफे पर बैठे दिख रहे हैं। अब सवाल ये है कि आखिर क्यों ? आखिर क्यों बिना जाने समझे, बुद्धिजीवियों के एक वर्ग से ये फोटो वायरल हो गई। अगर किसी की तारीफ नहीं कर सकते, तो उसके नाम पर झूठ फैलाकर फालतू का गुस्सा और आक्रोश पैदा करवाना भी तो सरोकारिता की पत्रकारिता नहीं। सवाल तो कई हैं और फिलहाल तो इन सवालों का जवाब ये तस्वीर ही दे रही है।
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मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट ने इस सम्बन्ध में कहा कि - "प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के विगत एक वर्ष के कार्यकाल में उनकी छवि एक ईमानदार राजनेता के रूप में उभरी है। जनता में उनके प्रति नकारात्मक छवि उत्पन्न करने के दृष्टिकोण से कुछ शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर शराब की बोतल के साथ एक फोटो जारी की गई। इस फोटो में दिखने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का हमशक्ल है। इस संबंध में देहरादून पुलिस द्वारा की गई जांच के बाद जो तथ्य सामने आये है, उसके अनुसार इस फोटो में दिखने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री श्री रावत का हमशक्ल है, जिनका नाम सत्यसिंह रावत है। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की तस्वीर बताकर वायरल किया गया। मुख्यमंत्री की छवि को खराब करने के लिए इस प्रकार का प्रयास किया गया है।" राज्य समीक्षा के सूत्रों के मुताबिक इस तस्वीर को सबसे पहले पौड़ी जिले के सतपुली क्षेत्र में छपने वाले साप्ताहिक अखबार सतपुली वीक के पत्रकार अजय रावत द्वारा अपने मित्र विजयपाल सिंह को भेजा गया। विजयपाल सिंह खुद को कांग्रेस का प्रवक्ता बताते हैं और देहरादून के चुक्कुवाला में रहते हैं। विजयपाल के पास ये तस्वीर आने के बाद CM के विरोधियों ने इसे वट्सएप्प और सोशल मीडिया पर यह कहकर वायरल किया, कि तस्वीर में शराब की बोतलें हाथ में लिए हुए जो शख्स दिख रहा है, वह कोई और नहीं बल्कि सीएम त्रिवेंद्र है।

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Uttarakhand News: Cm trivendra singh rawat fake pic viral

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