सोशल मीडिया पर CM त्रिवेन्द्र की झूठी तस्वीर फैली तो रोशन रतूड़ी ने ऐसे सिखाया सबक

सोशल मीडिया पर CM त्रिवेन्द्र की झूठी तस्वीर फैली तो रोशन रतूड़ी ने ऐसे सिखाया सबक

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पिछले दिनों, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही थी। वैसे देखने से ही साफ़ पता लग रहा था कि ये तस्वीर झूठी है और CM त्रिवेन्द्र की नहीं है या फिर तस्वीर को फोटोशाप किया गया है। दरअसल तस्वीर में CM त्रिवेंद्र के जैसे दिखने वाले व्यक्ति को शराब की बोतलों के साथ दिखाया गया है। यूं तो सोशल मीडिया पर आये दिन कुछ न कुछ ऐसा दिखता रहता है जिसे देखने के बाद शेयर करने वाले की सोच पर तरस आता है, पर यहां सोचनीय बात ये है कि शेयर करने वालों में कुछ 'तथाकथित पत्रकार' भी थे। तस्वीर ऐसी है कि पत्रकार तो छोडिये कोई जिम्मेदार व्यक्ति भी फेसबुक पर सार्वजनिक नहीं करेगा। और पत्रकारिता का तो उद्देश्य ही सत्य को जनता के समक्ष रखना है। उत्तराखंड के हिन्डोलाखाल के रोशन रतूड़ी, जो कि प्रवासी भारतीयों की हरसंभव सहायता के हरवक्त उपलब्ध होते हैं, ने जब यह फेसबुक पोस्ट देखी तो उन्होंने इस पत्रकार की सोशल मीडिया पर ही जमकर फटकार लगा डाली। रोशन रतूड़ी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में इस पत्रकार को पत्रकारिता की मर्यादा याद दिलाते हुये कुछ ऐसा लिखा कि उस पत्रकार को अपनी फेसबुक पोस्ट हटानी पड़ी।

रोशन रतूड़ी ने इस व्यक्ति को चुनौती देते हुये अपनी वाल पर लिखा - "सबसे पहले तो आपको भाषा का सही ज्ञान होना चाहिए। दूसरों का सम्मान करना सीखिए। सबसे पहले तो आपको मुख्यमन्त्री के नाम से पहले माननीय ,श्री और "जी"लगाकर बात करना चाहिए । एक पत्रकार को ये भाषा शैली शोभा नहीं देती है । दूसरी महत्वपूर्ण बात आपने जो माननीय मुख्यमंत्री जी की फ़ोटो फेसबुक पर डाली है दारू की बोतल हाथ में लिए हुए, ये झूठ है CM साहब को जहाँ तक मैं जानता हूँ ये कभी हो ही नहीं सकता है। अगर आपने ये साबित कर दिया की माननीय मुख्यमन्त्री श्री त्रिवेंद्र रावत जी की फ़ोटो है और असली ज़िन्दगी में मदिरा का सेवन करते हैं तो मैं रोशन रतूड़ी ( समाजिक कार्यकर्ता ) RR आपको 50,000 हजार अमरीकन डालर दूँगा, अगर आप साबित नहीं कर पाये तो आपको अपनी पत्रकारिता हमेशा के लिए छोड़नी पड़ेगी साथ ही आपको सर झुकाकर माननीय मुख्यमन्त्री जी से माफी माँगनी पड़ेगी। किसी भी इज़्ज़तदार आदमी के बारे में लिखने से पहले हज़ार बार सोचा कीजिये । ऐसी मानसिकता को दर्शाकर आप दूसरे पत्रकारों का नाम ख़राब मत कीजीए । पत्रकार का ये मतलब नही कि वो बिना सच्चाई जाने किसी भी सम्मानित व्यक्ति के बारे में कुछ भी लिखे । ये मुख्यमन्त्री जी की महानता है,साधुवाद जो आप पर अभी तक मानहानि का मुक़दमा दर्ज नहीं किया । अगर आप मे ज़रा सा भी पत्रकारिता व इंसानियत बची है तो अपनी पोस्ट को डिलीट कर दीजीए। राज्य के सर्वोच्च पद पर बैठे इमानदार छवि के व्यक्ति की फ़ोटो को ऐसे कैसे बिना सच्चाई जाने उनके बारे में शोशल मीडीया पर अपलोड कर देते हैं । बहुत दुख होता है । ऐसे पत्रकारों का लाइसेंस रद्द होना चाहीए।"

Roshan Raturi teaches person a lesson
रोशन की इस पोस्ट के बाद पत्रकार ने पोस्ट डिलीट कर दी। यह सत्य है कि बदलते वक्त के साथ बाजारवाद और पत्रकारिता के अंतर्संबंधों ने पत्रकारिता की आधारभूत विषय-वस्तु और प्रस्तुतीकरण की शैली में व्यापक परिवर्तन किये हैं। परन्तु पत्रकारिता का उद्देश्य 'सत्य' का पक्ष लेकर 'सत्य' को ही जनसामान्य के सम्मुख प्रदर्शित करना रहा है और आज भी वही होना चाहिये। सोशल मीडिया पर कुछ-भी प्रदर्शित करने से पहले कुछ सोचना जरुर चाहिए। विचार सभी के भिन्न हो सकते हैं पर हमारे देश की और विशेषकर उत्तराखंड की संस्कृति आदर करना सिखाती है... और त्रिवेन्द्र सिंह रावत तो मुख्यमंत्री हैं उत्तराखंड के।


Uttarakhand News: Roshan Raturi teaches person a lesson

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