पौड़ी की बेटी बनी देश की पहली नेवी अफसर, जिसने पार किए 4 महाद्वीप, 3 समंदर और भूमध्य रेखा

पौड़ी की बेटी बनी देश की पहली नेवी अफसर, जिसने पार किए 4 महाद्वीप, 3 समंदर और भूमध्य रेखा

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उत्तराखंड की लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी पूरी दुनिया की परिक्रमा कर अपनी साथियों के साथ लौट आई हैं। पिछले साल यानि कि 10 सितम्बर 2017 को यह सफर शुरू हुआ था। भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और भारतीय नौसेना प्रमुख सुनील लांबा ने सोमवार को गोवा के समुद्र तट पर पूरे संसार का चक्कर लगाकर पहुंची नौसेना की इन बहादुर बेटियों का स्वागत किया। पिछले साल पूरी दुनिया का चक्कर लगाने के लिए हिंदुस्तान की 6 बेटियों ने अपना सफर शुरू किया था। ये सफर समंदर की लहरों को चीरते और पूरी दुनिया का चक्कर लगाकर सोमवार को गोवा पंहुचेगा। INVS तारिणी के जरिए भारतीय नौसेना की 6 बेटियों ने ये सफर शुरू किया था। नेवी ऑफिसर्स के इस दल की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी संभाल रही थीं। इसके साथ ही आईएनएसवी तरिणी दुनिया का चक्कर लगाने वाला भारतीय नेवी का पहला ऐसा स्टाफ बन गया है जिसमें केवल महिलाएं हैं।

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वर्तिका जोशी मूल रूप से पौड़ी के धूमाकोट क्षेत्र के स्यालखेत गांव की हैं। वर्तिका के पिता प्रोफेसर पीके जोशी जी हैं, जो कि गढ़वाल विश्वविद्यालय में शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। वर्तिका की मां अल्पना जोशी राजकीय महाविद्यालय ऋषिकेश में हिंदी की विभागाध्यक्ष है। साल 2010 में वर्तिका नौ सेना अधिकारी बनी। वर्तिका इससे पूर्व आईएनएसवी महादेई में भी ऐसा ही अभियान पूरा कर चुकी हैं। भारतीय नौसेना के इस अभूतपूर्व अभियान को लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी ने बखूबी लीड किया। नौसेना के इस दल की सदस्य लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल, स्वाति पी, लेफ्टिनेंट ऐश्वर्या बोड्डापति, एस विजया देवी और पायल गुप्ता सहित अन्य थीं। भारतीय नौसेना की इन जांबाज महिलाओं ने 55 फुट के ‘INSV तारिणी’ में अपनी विश्व-भ्रमण की ये यात्रा 253 दिनों में पूरी की है।

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सूत्रों के मुताबिक भारतीय नौसेना में इसे 18 फरवरी 2017 को शामिल किया गया था। भारतीय नौसेना के इस महिला चालक दल द्वारा यह पहली उपलब्धि हासिल की गयी है। आपको बता दें कि भारतीय नौसेना की ये विश्व-भ्रमण यात्रा 6 चरणों में पूरी की गई है और लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी के नेतृत्व वाले इस जाबांज महिला चालक दल ने इस दौरान फ्रेमांटले (ऑस्ट्रेलिया), लाइटिलटन (न्यूजीलैंड), पोर्ट स्टैनली (फॉकलैंड द्वीप), केप टाउन (दक्षिण अफ्रीका) और मॉरीशस में अपना पड़ाव डाला। इस दौरान इन बहादुर बेटियों ने 21,600 नॉटिकल मील की दूरी तय की और INVS तारिणी ने दो बार भूमध्य रेखा, चार महाद्वीपों और तीन सागरों को पार किया। गोवा के तट का ये विडियो भी देखिये ...



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