Video: देहरादून में भाई के कंधे पर भाई की लाश...बेपरवाह बना सिस्टम, किन्नर बने भगवान

Video: देहरादून में भाई के कंधे पर भाई की लाश...बेपरवाह बना सिस्टम, किन्नर बने भगवान

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देहरादून के दून अस्पताल का ये वीडियो सिर्फ हैरान ही नहीं करता, बल्कि अपंग हो चुके सिस्टम की बेपरवाही की बानगी पेश करता है। ये उत्तराखंड का सबसे बड़़ा सरकारी अस्पताल है। बड़ी शान से इस अस्पताल का नाम लिया जाता है, लेकिन सिस्टम ने इसत अस्पताल की आबरू को मिट्टी में मिला दिया। ये कैसी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं...जहां भाई को अपने भाई की लाश अपने कंधे पर ले जानी पड़े ? ये कैसी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं जहां बीच अस्पताल में शवयात्रा हो रही है और अस्पताल प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है ? देहरादून की इस एक खबर से देशभर में हड़कंप मचा हुआ है। बिजनौर में फलों की ठेली लगाने वाला पंकज अपने भाई सोनू को लेकर इस अस्पताल में आया था। सोचा था कि सब ठीक हो जाएगा और दोनों हंसी खुशी अपनी बाकी जिंदगी बिताएंगे। पंकज को तो ये मालूम ही नहीं था कि बीमार सिस्टम उसे जिंदगी भर का नासूर देगा।

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उत्तराखंड का निवासी ना होने की वजह से सोनू की मुफ्त जांच नहीं हो पाई। पांच सौ रुपये जेब में लिए पंकज बिजनौर लौटने की तैयारी कर रहा था कि सोनू की मौत हो गई। शर्मनाक बात तो ये है कि लाश को ले जाने के लिए पंकज को एक स्ट्रेचर तक नहीं मिला। इस बीच कुछ किन्नर भगवान बन गए। पंकज अपने भाई की लाश को लेकर कुछ दूर ही पहुंचा था कि रास्ते में उसे किन्नर मिल गए। किन्नरों ने उसे रोका और दो हजार रुपये दिए। ये ही नहीं किन्नर पंकज को वापस अस्पताल में ले आए। किन्नरों ने यहां भी लोगों से चंदा एकत्रित किया और पंकज को दिया। किन्नरों के समझाने पर एक एंबुलेंस वाला शव को धामपुर ले जाने के लिए तैयार हो गया। इस मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सख्त रुख अपनाया है। चिकित्सा अधीक्षक के द्वारा दी गई सफाई पर उन्होंने नाराजगी जताई है।

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सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने महानिदेशक को एक हफ्ते के भीतर पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानवता और मानवीय संवेदना किसी भी परिस्थिति में सर्वोपरि होनी चाहिए। जिस तरह की घटना हुई वो स्वीकार्य नहीं है। अगर व्यवस्था में कोई कमी है तो उसे तत्काल सुधारा जाए। अब आप भी ईटीवी द्वारा तैयार किया गया ये वीडियो देख लीजिए।

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Uttarakhand News: Horrifying video of doon hospital

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