जय उत्तराखंड: इस बार बदरीनाथ जरूर आइए, हिमालयन ऊंट की सवारी कीजिए

जय उत्तराखंड: इस बार बदरीनाथ जरूर आइए, हिमालयन ऊंट की सवारी कीजिए

Chamoli uttarakhand govt to start yak riding  - उत्तराखंड न्यूज, बदरीनाथ ,उत्तराखंड,

उत्तराखंड में अपार संभावनाएं हैं। यहां पग-पग पर देवताओं का वास है और ये ही वजह है कि देश-विदेशों से आए सैलानी यहां आस्था में डूब जाते हैं। प्रकृति के बेहद करीब रहकर लोग यहां बेहद शांति महसूस करते हैं। जल्द ही केदारनाथ और बदरीनाथ धामं के कपाट खुलने वाले हैं। इस बार आप बदरीनाथ आएंगे तो हिमालयन ऊंट कहे जाने वाले याक की सवारी भी कर सकेंगे। यात्री याक की सवारी करेंगे और हिमालय की खूबसूरती का दीदार कर सकेंगे। चमोली जिले में सरकार द्वारा ये बेहतरीन कोशिश की गई है। याक पालन और टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए त्रिवेंद्र सरकार ने इस योजना को शुरू करने का फैसला लिया है। इस योजना के तहत यात्राकाल में पहले एक याक से शुरूआत होगी। अगर ये याजना कारगर साबित हुई, तो बदरीनाथ धाम में याक की संख्या बढ़ाई जाएगी।

यह भी पढें - देहरादून में ऑटो वालों की ‘लूट’ बंद, 1 मई से सख्त नियम लागू, आम आदमी को राहत
कुल मिलाकर इसे स्थानीय युवकों के रोजगार से भी जोड़ा जाएगा। चमोली के पशुपालन विभाग द्वारा ये पायलट प्रोजेक्ट लिया गया है। इस योजना के संचालन के लिए विभाग की तरफ से जोशीमठ के गणेशनगर निवासी बृजमोहन को याक उपलब्ध करा दिया गया है। मुख्य पशुपालन अधिकारी डाक्टर लोकेश कुमार ने इस बारे में कुछ खास बातें बताई हैं। उनका कहना है कि अगर इस साल बदरीनाथ में ये योजना कारगर साबित हुई तो याकों की संख्या बढ़ाई जाएगी और इसे स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। अब आपको बताते हैं कि आखिर इस क्षेत्र में याक कहां से आए। बताया जाता है कि साल 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान तिब्बत की बॉर्डर से याक का एक समूह भारत के बॉर्डर एरिया में पहुंच गया था। इसके बाद भारतीय सेना ने इन याकों को जिला प्रशासन को सौंप दिया था।

यह भी पढें - उत्तराखंड में परचून की दुकान में नहीं मिलेगी शराब, ये कोरी अफवाह है-त्रिवेंद्र सिंह रावत
उस वक्त से चमोली में पशुपालन विभाग द्वारा इन याकों की देखरेख की जाती है। इस वक्त जिले में 13 याक हैं। इनमें से 5 नर हैं और 8 मादा हैं। शीतकाल में ये याक सुरांईथोटा में रहते हैं। ग्रीष्मकाल के दौरान ये याक द्रोणागिरी गांव के उच्च हिमालयी क्षेत्र में रहते हैं। इस वक्त उत्तराखंड में कुल मिलाकर 67 के करीब याक हैं। ये चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी में हैं। इसकी खास बात ये भी है कि करीब 20 दिन तक ये बर्फ खाकर भी जीवित रह सकता है, इस वजह से इसे हिमालयी ऊंट कहा जाता है। अगर ये योजना सफल होती है, तो आने वाले वक्त में कई स्थानीय युवाओं को रोजगार मुहैया कराया जा सकता है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत भी इस योजना को लेकर उत्साहित हैं। देखना है कजि आने वाले वक्त में ये योजना क्या जलवा दिखाती है।


Uttarakhand News: Chamoli uttarakhand govt to start yak riding

Content Disclaimer (Show/Hide)
लेख शेयर करें