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पहाड़ का अखरोट अमृत से कम नहीं, गंभीर बीमारियों का इलाज है ये फल...आप भी जानिए

पहाड़ का अखरोट अमृत से कम नहीं, गंभीर बीमारियों का इलाज है ये फल...आप भी जानिए

Benefits of Walnut of uttarakhand - उत्तराखंड न्यूज, उत्तराखंड की वनस्पति

उत्तराखंड को प्रकृति ने बेहतरीन तोहफे दिए हैं। ये ही वो वजह भी है कि पहाड़ के लोग सेहत के मामले में चुस्त-दुरुस्त होते हैं। आज जिस फल के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं, अगर उसका सही ढंग व्यावसायिक इस्तेमाल हो तो, ये रोजगार का एक जरिया भी बन सकता है। जी हां हम बात कर रहे हैं पहाड़ों में पाए जाने वाले अखरोट की। यूं तो अखरोट दुनियाभर में होता हैस लेकिन उत्तराखंड के पहाड़ों में पाए जाना ये अखरोट हर मामले में बेहद खास है। वैज्ञानिकों का कहना है कि खास तौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में पाए जाना वाला अखरोट सेहत के लिए बेहद ही शानदार होता है। अखरोट में ओमेगा-3, 6 फैटी एसिड और 60 फीसदी तेल की मात्रा होती है। इस तरह से ये पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर होता है। खास बात ये है कि ये खून में कोलेस्ट्रोल के लेवल को कंट्रोल करता है। साथ ही आपकी याददाश्त बढ़ाता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक अखरोट में ओमेगा 3 और ओमेगा 6 फैटी एसिड पाए जाते हैं।

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इस वजह से ये एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है। इसके अलावा इसमें पालमेटिक, लिनोलेइक, स्टेरिक और मेलोटोनीन एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं। इन पोष्टिक एवं औषधीय गुणों की वजह से FAO द्वारा अखरोट को महत्वपूर्ण पौधों की सूची में शामिल किया गया है। 100 ग्राम अखरोट में आपको 6.7 ग्राम प्रोटीन, 65.21 ग्राम वसा, 13.71 ग्राम कार्बोहाइड्रेट मिलेगा। इसके अलावा इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, थियामिन, विटामिन बी6, कैल्शियम, आयरन, सोडियम, मैग्नीशियम, मैग्नीज, पोटेशियम, फास्फोरस और जिंक जैसे पोषक तत्व मिलेंगे। कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स के लिए इसका इस्तेमाल होता है। वैज्ञानिक तौर पर ये juglandaceae फैमिली से ताल्लुक रखता है। पहाड़ी इलाकों में ये 900 से 3000 मीटर की ऊंचाई पर पाया जाता है। दुनिया में Juglans फैमिली की कुल 21 प्रजातियां हैं। इसमें पारसियन अखरोट सबसे ज्यादा व्यवसायिक तैर पर उगाई जाती है।

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पहाड़ी इलाकों में पाए जाने वाला अखरोट अतिसार, पेट की बीमारियां, अस्थमा, त्वचा के रोग और थायराइड का इलाज हैं। दुनिया भर में भारत, अमेरिका, मैक्सिको, इटली, चीन, नेपाल, श्रीलंका और अरमेनिया जैसे देशों में इसकी खेती होती है। हालांकि भारत में किसी भी हिमालयी राज्य में इसकी व्यवसायिक रूप से खेती नहीं की जाती। हालांकि पहाड़ी राज्य उत्तराखण्ड में करीब 10,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में अखरोट का उत्पादन होता है। लेकिन ये व्यावसायिक तौर पर इस्तेमाल नहीं होता। कुल मिलाकर कहें तो प्रकृति द्वारा इंसान को कुछ बेशकीमती तोहफे दिए गए हैं। इस चमत्कारी फल का इस्तेमाल अब कई तरह की दवाएं बनाने के लिए भी किया जा रहा है। इसलिए खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में अखरोट की ज्यादा से ज्यादा पैदावार लोगों के स्वरोजगार का भी एक जरिया बन सकता है। देखना है कि आगे क्या होता है।


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