ये हैं उत्तराखंड के युवा, IIT पासआउट लड़के ने छेड़ी गांव-गांव में स्वरोजगार की मुहिम

ये हैं उत्तराखंड के युवा, IIT पासआउट लड़के ने छेड़ी गांव-गांव में स्वरोजगार की मुहिम

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वो उत्तराखंड का युवा ही है, जो उत्तराखंड में स्वरोजगार के अवसर पैदा करना चाहता है। ऐसे ही एक युवा हैं आशीष ध्यानी। आशीष IIT रुड़की से पासआउट हैं। इनके बारे में खास बात ये है कि वो उत्तराखंड के गांव गांव में स्वरोजगार के अवसर पैदा करना चाहते हैं और इसकी एक शानदार शुरुआत भी उन्होंने की है। IIT से पासआउट लड़के पास विदेशों में नौकरी के कई मौके होते हैं, लेकिन गर्व इस बात पर है कि उत्तराखंड का ये होनहार उत्तराखंड के लिए ही बड़ा काम कर रहा है। मूल रूप से पौड़ी के रहने वाले आशीष ध्यानी ने उत्तराखंड हथकरघा नाम की पहल शुरू की है, जिससे गांव गांव जाकर लोगों को स्वरोजगार का अवसर मिले। इस बारे में कुछ खास बातें जानिए। उत्तराखंड हथकरघा एक सामाजिक उद्यमिता (social entrepreneurship) है। जिसके ज़रिए आशीष ध्यानी उत्तराखंड के हथकरघा उद्योग को एक नई दिशा देने एवं उसकी अलग पहचान बनाने की ओर लगातार बढ़ रहे हैं।

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आशीष बताते हैं कि ‘’हमारे विचार में इस समय उत्तराखंड की सबसे बड़ी ज़रूरत स्वरोजगार है। जितना ज़्यादा रोज़गार बढ़ेगा, और जहां लोग हैं वहीं बढ़ेगा, उतना ही उत्तराखंड के युवा को मैदानी क्षेत्रों में जाकर नौकरी नहीं करनी पड़ेगी और न ही किसी के बर्तन मांजने पड़ेंगे और यs कार्य धारणीय (sustainable) ढंग से हुआ तो हमारे पहाड़ भी साफ और स्वच्छ रहेंगे और हमारा युवा भी सशक्त रहेगा। हमारे गांव ख़ाली नहीं होंगे और हमारी कला, संस्कृति और रहन-सहन को फलने-फूलने का एक और मौका मिलेगा। यही काम हम हाथ से बनीं चीज़ों (हस्तकला इत्यादि) की ओर भी कर रहे हैं। इस बेमिसाल काम के लिए आशीष ध्यानी ने उत्तराखंड की जनता से दुआएं मांगी हैं कि उन्हें कुछ करने की ताकत मिल सके। आप भी आशीष से इस बारे में सीधे बात कर सकते हैं।

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आशीष कहते हैं कि ‘’आप सभी से अनुरोध है कि आप के आसपास कोई भी हाथ चीज़ से बनाई जाती है (हथकरघा, हस्तकला, हस्तशिल्प, आइपन (Aipan) कला, स्वैटर बुनाई इत्यादि), तो आप हमें ज़रूर बताएं। हम जल्द से जल्द उन्हें अपने साथ जोड़ने का प्रयास करेंगे और उनके उत्पादों को नया बाज़ार मुहैया कराएंगे। आप उत्तराखंड हथकरघा से जुड़ने के लिए फेसबुक पर इनकी टीम को मैसेज भेज सकते हैं। आप फेसबुक पेज https://www.facebook.com/uttarakhandhathkargha के जरिए इस टीम से जुड़ सकते हैं। आशीष कहते हैं कि ‘’उत्तराखंड का प्रपांतरण (transformation) हम सभी को मिलकर करना होगा। इसी उम्मीद और इसी विनती के साथ आपकी राय, टिप्पणी, और सहयोग का अभिलाषी हूं और आभारी रहूंगा’’।


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