उत्तराखंड में छात्रा से दुष्कर्म के बाद दरिंदगी...हैवानों ने लाठी से पीटा, फिर चौथी मंजिल से फेंका

उत्तराखंड में छात्रा से दुष्कर्म के बाद दरिंदगी...हैवानों ने लाठी से पीटा, फिर चौथी मंजिल से फेंका

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उत्तराखंड में बेटियां सुरक्षित हैं ? ये एक ज्वलंत और यक्ष प्रश्न है और शायद इस यक्ष प्रश्न का जवाब देने के लिए उत्तराखंड में कोई युधिष्ठिर नहीं है। लाख दावे और लाख बातें होती हैं बेटियां बचाने के लिए, लेकिन सारे दावे और बातें उस वक्त खोखले साबित हो जाते हैं, जब कोई दुष्कर्म पीड़ित बेटी इंसाफ की गुहार लगा रही हो और सुनने वालों के कानों में जूं रेंग रही हो। चलिए आपको सबसे पहले ये बात बता देते हैं कि आखिर हम ऐसा क्यों कह रहे हैं। काशीपुर में एक लड़की एक साल पहले दुष्कर्म का शिकार हुई थी। इसके बाद उस लड़की ने इंसाफ के लिए आवाज उठाई और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। दूसरी तरह से आरोपियों द्वारा लगातार उस लड़की को धमकी दी गई कि केस वापस लिया जाए। आरोपियों ने पीड़ित पर केस वापस लेने का प्रेशर बनाने के लिए ऐसी घिनौनी हरकत कर डाली, जिसके बारे में जानकर आपकी रूह कांप उठेगी।

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काशीपुर के दुर्गापुर में हाईस्कूल की छात्रा आज अस्पताल में भर्ती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उसे चौथी मंजिल से धक्का दिया गया है। बड़े अखबार अमर उजाला में छपी रिपोर्ट के मुताबिक ये वारदात शनिवार की है। शनिवार सुबह करीब नौ बजे थे। पीड़ित अपने पिता के साथ स्कूल की तरफ जा रही थी। इसी बीच 10-12 आरोपियों ने पिता और बेटी पर लाठी और डंडों से हमला कर दिया। छात्रा ने ये सब देखा और आरोपियों के बीच से बचकर एक छत पर चढ़ गई। छात्रा को लगा कि वो बच जाएगी लेकिन उसके पीछे वो आरोपी आ गए और फिर हैवानियत दिखा दी। छात्रा को छत से धक्का दिया गया और चार मंजिल से नीचे गिरा दिया गया। इसके बाद सारे आरोपी वहां से भाग गए। जब परिजनों को इस बात की खबर लगी तो वो छात्रा को लेकर बीडी पांडे जिला अस्पताल पहुंचे। यहां हालत गंभीर होने की वजह से छात्रा को हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है।

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छात्रा के जबड़े और रीढ़ की हड्डी में चोट लगी है। पीड़ित छात्रा की दो बहन और दो भाई हैं। एक साल पहले वो दुष्कर्म का शिकार हुई थी और इसके बाद उस पर रेप का केस वापस लेने के लिए दबाव बनता रहा। एक साल पहले छात्रा का अपहरण किया गया था और उसके साथ दरिंदगी की गई थी। बताया जा रहा है कि ये मुकदमा तल्लीताल थाने में दर्ज है। आरोपी उसी मुकदमे को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि मुकदमा वापस ना लेने की वजह से छात्रा को छत से फेंका गया है। छात्रा नैनीताल के तल्लीताल स्थित एक स्कूल में पढ़ती है। इस बीच सवाल ये है कि आखिर कहां हैं महिलाओं की सुरक्षा के वो वादे, जिनको लेकर बड़ी बड़ी बातें की गई ? एक बेटी अस्पताल में भर्ती है और जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। देखना है कि इस मामले में आगे क्या होने वाला है।


Uttarakhand News: Girl tortured by boys in kashipur

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