Connect with us
Image: Veer Madho Singh Technical University

वीर माधो सिंह तकनीकी विवि के नाम से जानी जाएगी उत्तराखण्ड की ये यूनिवर्सिटी

वीर माधो सिंह तकनीकी विवि के नाम से जानी जाएगी उत्तराखण्ड की ये यूनिवर्सिटी

वीर गढ़वाली योद्धा माधोसिंह भंडारी के नाम से आप भली-भाँती परिचित होंगे। पहाड़ की लोक कथाओं में माधोसिंह भंडारी का अपना अलग ही स्थान है. लगभग 400 साल पहले पहाड़ का सीना चीरकर नदी का पानी अपने गांव तक लेकर आने वाले योद्धा माधोसिंह भंडारी के नाम पर उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) का नाम अब 'वीर माधो सिंह तकनीकी विश्वविद्यालय' होगा। उत्तराखंड तकनीकी विश्व विद्यालय में कॉर्पोरेट जगत के साथ परस्पर सहयोग कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने मलेथा निवासी वीर माधो सिंह भंडारी को श्रद्धांजलि देते हुए उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) का नाम वीर माधो सिंह तकनीकी विश्वविद्यालय करने की घोषणा की। सी.एम. ने कहा कि माधो सिंह भंडारी ने 400 साल पहले ही उत्तराखंड में खेती की अहमियत समझ ली थी। माधो सिंह द्वारा बनाई गई कूल के जरिये जो पानी आता है उससे मलेथा में आज भी हरियाली है। यहाँ बताना चाहेंगे कि सी.एम. त्रिवेन्द्र ने पूर्व भाजपा सरकार में बतौर कृषि मंत्री रहते हुए मलेथा में इस पहाड़ी वीर माधो सिंह भंडारी की मूर्ति का अनावरण किया था।

यह भी पढें - उत्तराखंड के ‘दशरथमांझी’...कहानी पढ़िए और गर्व कीजिए कि आप पहाड़ी हैं
यह भी पढें - Video: ‘फ्योंलड़िया’ के बाद किशन महिपाल का एक और धमाल, देखिए...लॉन्च हुआ प्रोमो
दरअसल मलेथा गांव के दायीं ओर चंद्रभागा नदी बहती है। चंद्रभागा नदी का पानी गांव तक लाना मुश्किल था, क्योंकि बीच में पहाड़ था। माधोसिंह भंडारी ने इसी पहाड़ को खोदकर 350 मीटर लंबी सुरंग बनायी और सुरंग के रास्ते पानी गांव लाने की ठानी। लगभग पांच सालों की कड़ी मेहनत के बाद माधोसिंह की मेहनत रंग लाई और सुरंग बनकर तैयार हो गई। यह सुरंग अपने आप में इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है। सीएम त्रिवेन्द्र ने इसी का उदहारण देते हुए उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) का नाम वीर माधो सिंह तकनीकी विश्वविद्यालय करने की घोषणा की। सी.एम. ने उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) में कार्यक्रम के दौरान कहा कि तकनीकी विवि के छात्रों का औद्योगिक इकाइयों के साथ संवाद स्थापित करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज के समय में उद्योगों की मांग को समझाना समय की मांग है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कौशल विकास पर अधिक बल दिया है।

यह भी पढें - उत्तराखंड में पहली बार, टिहरी झील में होगी कैबिनेट मीटिंग, रोजगार के लिए होगा बड़ा काम !
यह भी पढें - उत्तराखंड की बेटी के फैन बने धोनी, ये भी देश को वर्ल्ड कप दिलाएगी...रच दिया इतिहास
वर्ष 2020 तक प्रदेश में 100000 से अधिक युवाओं को स्किल्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके क्रम में उत्तराखण्ड राज्य में कौशल विकास मंत्रालय का गठन किया गया है। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड तकनीकी विवि के छात्र एवं शिक्षक आसपास के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान व प्रौद्योगिकी संस्थानों का भ्रमण कर अपने तकनीकी ज्ञान को बांट सकते हैं। त्रिवेन्द्र ने तकनीकी विश्व विद्यालय के नए परिसर का लोकार्पण भी किया। इस कार्यक्रम में छात्रों ने विभिन्न मॉडलों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका अवलोकन मुख्यमंत्री ने किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) के आइ.आइ.एम., आइ.आइ.टी., एन.आइ.टी. के लिए चयनित 15 छात्र-छात्राओं को 50 हजार रुपये का चेक देकर छात्रों की हौसला अफजाई की, साथ ही तकनीकी विश्वविद्यालय में 'यूनिवर्सिटी ऐकेडिमिया-इंडस्ट्री फोरम' का शुभारंभ भी मुख्यमंत्री ने किया।

related articles
More..
वीडियो : उत्तराखंड का अमृत: किलमोड़ा
वीडियो : श्री बदरीनाथ धाम से जुड़े अनसुने रहस्य
वीडियो : खूबसूरत उत्तराखंड : स्वर्गारोहिणी
Loading...
Loading...

उत्तराखंड की ट्रेंडिंग खबरें

Loading...

वायरल वीडियो

Loading...

इमेज गैलरी

SEARCH

To Top