उत्तराखंड की बेटी ने दिखाया दम, 6 मैचों में दागे 10 गोल, प्रोफेशनल फुटबॉल लीग से आया बुलावा

उत्तराखंड की बेटी ने दिखाया दम, 6 मैचों में दागे 10 गोल, प्रोफेशनल फुटबॉल लीग से आया बुलावा

Story of anita rawat footballer of uttarakhand  - अनीता रावत, उत्तराखंड न्यूज,उत्तराखंड,

22 साल की उत्तराखंड की बेटी ने इतिहास रच दिया है। ये हैं इंटरनेशनल महिला फुटबॉलर अनीता रावत । अनीता रावत अब प्रोफेशनल फुटबॉल लीग में दमखम दिखाती नजर आएंगी। खास बात ये है कि इस प्रोफेशनल लीग में खेलने वाली वो उत्तराखंड की एकमात्र महिला फुटबॉलर होंगी। अनीता कौन हैं और कैसे उन्होंने ये मुकाम हासिल किया, इस बारे में भी जानिए। 22 साल की अनीता देहरादून के मोहकमपुर की रहने वाली हैं। जिस उम्र में बच्चों को खेल और खिलौनों ने फुरसत नहीं मिलती, उस उम्र में ही अनीता ने फुटब़ॉल को अपना खिलौना बना लिया। धीरे धीरे उन्होंने इस खेल को निखारना शुरू कर दिया। पूत के पांव पालने में ही नजर आ जाते हैं। लेकिन यहां तो बेटी ने अपने पैरों के जादू से सभी का दिल जीत लिया। वक्त बीता तो अनीता रावत का इस खेल के लिए जुनून उफान मारने लगा।

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साल 2007 में देहरादून के महेंद्रा ग्राउंड गढ़ीकैंट में अनीता रावत ने विजयकैंट क्लब के समर कैंप से खेलना शुरू कर दिया। अनीता ने कोच रतन थापा और बुद्धिमान थापा हैं। दोनों से ही उन्होंने फुटबॉल की बारीकियां सीखी। कहते हैं हुनर को तराशने के लिए गुरू की जरूरत होती है, अनीता के साथ भी ऐसा ही हुआ। रतन थापा और बुद्धिमान थापा की कोचिंग में खेलते हुए अनीता ने लगातार अपना खेल संवारा। जलवे दिखाने शुरू किए तो हर कोई हैरान रह गया। आखिरकार अनीता रावत को अलग अलग टीमों की तरफ से बुलावा आने लगा था। प्रोफेशनल लीग का जिस दौरान क्वालिफाइंग राउंड खेला जा रहा था, उस दौरान यूनाइटेड वॉरियर्स टीम की तरफ से खेलते हुए अनीता ने 6 मैचों में 10 गोल दागे। जी हां 6 मैचों में दस गोल दागने वाली इस लड़की के पैरों का हुनर जिसने भी देखा, वो हैरान था।

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हालांकि उनकी टीम फाइनल में तो नहीं पहुंच सकी, लेकिन अनीता का खेल कहां रुकने वाला था। अनीता के खेल के खेल को देखकर फाइनल राउंड में पहुंची गोकुलम एफसी काफी प्रभावित थी। गोकुलम एफसी ने अनीता से आगे खेलने के लिए संपर्क कर दिया। अब 25 मार्च से शिलॉन्ग में लीग के फाइनल राउंड के मुकाबले शुरू होंगे। अनीता के पिता बिमल सिंह इससे पहले आर्मी के लिए खेलते थे। पिता को फुटबॉल खेतले देखकर ही बेटी के मन में भी इस खेल की दीवानगी बढ़ गई थी। अनीता इससे पहले अंडर-16 और अंडर-19 एएफसी चैलेंज कप में भारतीय महिला फुटबाल टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। साल 2011 में एसजीएफआइ नेशनल गर्ल्स फुटबॉल हुआ था। इस चैंपियनशिप में अनीता को तीन अवार्ड मिले थे। इसके बाद 2013 में उन्होंने दिल्ली के गढ़वाल हीरोज क्लब से प्रोफेशनल फुटबाल की शुरुआत की थी। अब अनीता केरल में अपना दम दिखाएंगी।


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