देवभूमि के शिक्षक ने पीएम मोदी का दिल जीता, वो भी सिर्फ 6 मिनट और 17 सेकंड में

देवभूमि के शिक्षक ने पीएम मोदी का दिल जीता, वो भी सिर्फ 6 मिनट और 17 सेकंड में

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6 मिनट और 17 सेकंड...वक्त बहुत कम होता है। लेकिन आप भी अपनी जिंदगी का एक एक क्षण, आपकी सोच का एक एक हिस्सा और आपके विचारों का एक एक कतरा जोड़कर इस 6 मिनट और 17 सेकंड में इतिहास रच सकते हैं। हाल ही में उत्तराखंड के एक शिक्षक ने वो कर दिखाया है। 6 मिनट और 17 सेकंड का ये गीत, देवभूमि के शिक्षक डॉक्टर देवकीनंदन भट्ट की कलम से लिखा गया है। देवकीनंदन भट्ट नैनीताल में शिक्षक हैं। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के लिए एक गीत लिखा था। क्या आप जानते हैं अब इस गीत को कहां प्रस्तुत किया जाना है ? 12 मार्च को इस गीत को फ्रांस के राष्ट्रपति और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुनेंगे। वाराणसी का ऐतिहासिक राजघाट इस बड़े समारोह का गवाह बनेगा। एक शिक्षक की वजह से उत्तराखंड की उपलब्धियों में एक और तमगा जुड़ जाएगा।

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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी के सामने इसकी प्रस्तुति दी जाएगी। इस गीत को 5 बच्चे आवाज देंगे और खुशी की बात ये है कि ये 5 बच्चे भी नैनीताल जिले के ही हैं। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने डॉक्टर देवकीनंदन भट्ट को इसके लिए बुलावा भेजा है। डॉ देवकीनंदन भट्ट एक बेहतरीन शिक्षक होने के साथ साथ एक रंगकर्मी भी हैं। उन्होंने जो गीत लिखा है, उसकी खासियत ये है कि स्वच्छ भारत अभियान की सारी अवधारणाएं आपको इस गीत में मिलेंगी। इसके अलावा इस गीत में संगीत देने का काम राजकीय इंटर कॉलेज भौर्सा (भीमताल) के शिक्षक डॉ. हरीश जोशी ने किया है। वाराणसी में गाए जाने वाले गीत को नैनीताल जिले के पांच बच्चे अपनी आवाज देंगे। इनमें हल्द्वानी के गौरांशी जोशी, चेतन भट्ट, अभय मेहरा, दीपिका जोशी और नवेंदु जोशी शामिल हैं।

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दरअसल इस गीत की प्रस्तुति इससे पहले 21-22 फरवरी को वाराणसी में केंद्रीय पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा के सामने दी गई थी। ‘रस बनारस महोत्सव’ के दौरान डॉक्टर महेश शर्मा ने इस गीत को सुना। उन्होंने ही प्रधानमंत्री के सामने इस गीत की प्रस्तुति दिलाने की बात कही थी। अब 12 मार्च को वाराणसी में होने वाले भव्य कार्यक्रम में इस गीत को देश के कोनो कोने तक पहुंचाया जाएगा। कहा तो ये भी जा रहा है कि इससे पहले भी पीएम मोदी इस गीत को सुन चुके हैं। खुद केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेश शर्मा इस गीत को पीएम मोदी को सुना चुके हैं। पीएम मोदी को पहली ही बार में ये गीत पसंद आया था और अब उन्होंने इस गीत को 12 मार्च को होने वाले यादगार महोत्सव के लिए चुना।


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