देवभूमि में जिंदा है अलाउद्दीन खिलजी ! वो बेरहमी से मां-बेटियों की इज्जत लूट रहा है

देवभूमि में जिंदा है अलाउद्दीन खिलजी ! वो बेरहमी से मां-बेटियों की इज्जत लूट रहा है

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उत्तराखंड में जहां नजर डालिए वहां कोहराम मचा है। कभी पौड़ी, कभी सतपुली, कभी कोटद्वार कभी काशीपुर तो कभी उत्तरकाशी। ये क्या गुंडागर्दी है ? एक क्रूर शासक याद आता है, उलाउद्दीन खिलजी जिसने कभी भारत के गली मोहल्लों में आतंक मचा दिया था। मासूम लड़कियों के शरीर से खेलना उसकी आदत थी। आज उत्तराखंड में पलायन हो रहा है, लोग घरों को छोड़कर शहरों की तरफ जा रहे हैं। ऐसे में ना जाने कितने खिलजी उत्तराखंड के खाली, वीरान पड़े कस्बों और गांवों में अपने वंश को आगे बढ़ा रहे हैं। कभी कबाड़ी बनकर, कभी नाई बनकर, कभी फेरी वाला बनकर ये तो उत्तराखंड की मां-बेटियों पर बुरी नजर डाल रहे हैं। हाल ही में उत्तरकाशी में जो हुआ, उससे हर कोई हैरान रह गया। डुंडा क्षेत्र में 14 साल की मासूम बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया। उसकी बेरहमी से हत्या की गई और आरोप लगा चार कुकर्मियों पर जो बिहार से आए थे और दूसरे समुदाय से थे।

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4 बिहारी मूल के मजदूरों ने एक नाबालिग लड़की को घर से अगवा करने के बाद बलात्कार करके लड़की की हत्या कर दी और लाश पुल के पास फेंककर फरार हो गए। उत्तरकाशी में ये हाल अभी का नहीं है। इससे पहले नौगांव में एक कबाड़ी वाले ने एक 9 साल की बच्ची को बंधक बना लिया था। बच्ची की काफी ढूंढ खोज की गई तो वो कबाड़ी वाले के बाथरूम में मिली। बच्ची के गले पर पड़े रस्सियों के निशान उस दर्द की कहानी बयां कर रहे हैं। बीते सात महीनों में करीब 7 ऐसी घटनाएं बो चुकी हैं। बीते साल 2017 के अक्टूबर महीने में पौड़ी में 4 साल की बच्ची से दुष्कर्म हुआ था। दुष्कर्म का आरोपी नसीम अख्तर निकला। वो बच्ची को अपने कमरे में उठाकर ले गया और उसके बाद मासूम के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद 2017 में अक्टूबर के ही महीने में कोटद्वार से खबर आई कि 4 साल की बच्ची की इज्जत से खिलवाड़ किया गया। आरोपी की उम्र 40 साल थी और नाम था रियाजुद्दीन। जांच में पता चला कि रियाजुद्दीन नाई का काम करता था।

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रियाजुद्दीन 4 साल की बच्ची को बहला फुसलाकर अपने कमरे में ले गया और बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद साल 2017 के अक्टूबर महीने में ही प्रतापनगर में एक स्थानीय युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। कत्ल का ये आरोप इमरान और सुल्तान नाम के दो लड़कों पर लगा था। साल 2017 अगस्त के महीने में सतपुली जल उठा था। पता चला कि कोई शोएब नाम का शख्स गांव की गौशाला में घुसा और गाय के बछड़े के साथ कुकर्म कर दिया। आग ऐसी फैली कि सतपुली में बवाल मच गया। ये कड़वा सच है, तो इसका घूंट पी लीजिए कि उत्तराखंड में बेटियां सुरक्षित नहीं रह गईं। लेकिन आने वाले वक्त में ये कोढ़ इतना बढ़ जाएगा कि इसकी खाज मिटानी मुश्किल होगी। इसलिए जागिए, कहीं वक्त हाथ से ना निकल जाए।


Uttarakhand News: Women and girls unsafe in uttarakhand

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