ये उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में एक पहाड़ी का डंका बजता है

ये उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में एक पहाड़ी का डंका बजता है

Uttarakhandi manvendra bisht is coaching australian cricket team  - मानवेंद्र बिष्ट, उत्तराखंड न्यूज ,उत्तराखंड,

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के नाम से दुनिया की दिग्गज टीमें खौफ खाती हैं। ये टीम अब तक 5 बार वर्ल्ड कप पर कब्जा कर चुकी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस टीम को बेस्ट खिलाड़ी देने वाला कोच उत्तराखंडी भी है। जी हां ऑस्ट्रेलिया में खिलाड़ियों की पौध तैयार करने का काम एक उत्तराखंडी ही कर रहा है। इस गुरु का नाम है मानवेंद्र बिष्ट। मानवेंद्र बिष्ट उत्तराखंड के कोटद्वार के रहने वाले हैं। बचपन से उनमें क्रिकेट का ऐसा जुनून था कि उन्होंने इसे ही अपना पहला प्यार बना लिया। मानवेंद्र बिष्ट ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड से मान्यता प्राप्त कोच हैं। वो ऑस्ट्रेलिया की अंडर 9, अंडर 14 ब्वॉयज और अंडर 13 गर्ल्स टीम के कोच हैं। आपको ये भी पता होगा कि ऑस्ट्रेलिया में भी आईपीएल की तर्ज पर बिग बैश लीग होती है। इस लीग में दुनिया भर के तमाम दिग्गज खिलाड़ी शामिल होते हैं।

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इस लीग में जूनियर खिलाड़ियों का भी टूर्नामेंट होता है। इस टूर्नामेंट में मानवेंद्र बिष्ट की कोचिंग में तैयार हुई अंडर-13 गर्ल्स टीम ने खिताब जीता है। मानवेंद्र को एक ऐसा कोच कहा जाता है, जो बच्चे को इस तरह से तैयार करता है कि बच्चा आगे चलकर वर्ल्ड क्रिकेट में नाम रोशन कर सके। वो बारीकी से खिलाड़ियों की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग पर नज़र डालते हैं और इसके बाद उन्हें कोचिंग देते हैं। मानवेंद्र का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया के बच्चों में भी क्रिकेट का जज्बा है। उनके मुताबिक बच्चों में क्रिकेट भावना को बढ़ाने के लिए ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड काफी मेहनत करता है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड द्वारा बच्चों को बेहतरीन सुविधाएं भी दी जाती हैं। इसके अलावा मानवेंद्र का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया में बच्चे बैकफुट पर ज्यादा बेहतर खेलते हैं। इसके पीछे उन्होंने एक खास वजह बताई है।

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उनका कहना है कि ऑस्ट्रेलिया में बच्चे एस्ट्रोटर्फ पर प्रैक्टिस करते हैं। आपको बता दें कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया में कोचों को तीन कैटेगरी में तैयार किया जा रहा है। कम्युनिटी कोच, रिप्रजेंटेटिव कोच और हाई परफॉर्मेंस कोच के रूप में यहां कोच तैयार हो रहे हैं। मानवेंद्र ने अपने बारे में कुछ खास बताई हैं। एक वेबसाइट से बात करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने एक साल के कम्युनिटी कोच कोर्स को पूरा कर लिया है। अब मानवेंद्र की नजर रिप्रजेंटेटिव कोच पर है। इसके बाद वो और मेहनत के दम पर हाई परफॉर्मेंस कोच बनना चाहते हैं। ऐसा नहीं है कि मानवेंद्र भारत में कोचिंग की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते । उनका कहना है कि बाद में उनका लक्ष्य भारत में क्रिकेट की कोचिंग को नए आयाम देना है। देखना है कि ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के बाद इंडियन क्रिकेट में वो कैसा धमाल मचाते हैं।


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