चमोली का सपूत, आंतकी हमले में सैकड़ों जान बचाई, उस वीर की मां दर-दर भटक रही है

चमोली का सपूत, आंतकी हमले में सैकड़ों जान बचाई, उस वीर की मां दर-दर भटक रही है

Martyr surjan singh family wants justice - उत्तराखंड न्यूज, सुरजन सिंह भंडारी ,उत्तराखंड,

उत्तराखंड का वो वीर शहीद, जिसने अक्षरधाम हमले में सैकड़ों लोगों की जान बचाई थी। अदम्य वीरता दिखाकर जो करीब 600 दिनों तक कोमा में रहा था। अस्पताल जाकर ही जिसे तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कीर्ति चक्र दिया था। चमोली जिले के शहीद सुरजन सिंह भंडारी को आखिर कौन भुला सकता है ? लेकिन प्रशासन भूल गया ? जी हां भारतीय सशस्त्र बलों के विशिष्ट राष्ट्रीय सुरक्षा गार्डों के एक कमांडो थे सुरजन सिंह भंडारी। 24 सितंबर, 2002 को अक्षरधाम मंदिर के परिसर में दो आतंकी घुसे थे। इन आतंकियों ने 39 लोगों को मार दिया था। इसके बाद सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन चलाया था, तो इसमें सुरजन सिंह भंडारी के सिर पर गोली लगी थी। 600 दिनों तक जिंदगी से जंग लड़ने बाद सुरजन सिंह भंडारी शहीद हो गए थे।

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अदम्य वीरता के लिए सुरजन सिंह भंडारी को कीर्ति चक्र दिया गया था। उस शहीद की मां अब दर-दर भटक रही है। बड़े न्यूज चैनल ईटीवी ने इस खबर को प्रमुखता से दिखाया है। दरअसल सरकार द्वारा शहीद कमांडो के परिवार को उस वक्त देहरादून में मकान बनाने के लिये जमीन दी गई थी। लेकिन हद है और शर्म है कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ने इस जमीन पर अपना कब्जा बता दिया है। अब शहीद की मां अपना मकान नहीं बना पा रही हैं। परिवार को देहरादून के रायपुर में घर बनाने के लिए जगह दी गई थी। लंबे वक्त बाद जब बेटे के गम से मां उबरी, तो बाकी बेटों के साथ मकान बनाने की तैयारी में जुट गई। लेकिन ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ने शहीद के परिवार की जमीन को अपना बता दिया। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने शहीद की मां को ये जमीन आवंटित की थी।

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ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ने शहीद की जमीन को अपना बताकर कोर्ट से स्टे लिया है। इस बीच देहरादून के जिलाधिकारी का कहना है कि जमीन शहीद के परिवार की ही है। अगर शहीद के परिवार की ही जमीन है तो फिर ये कैसा स्टे ? देखिए अब मां और परिवार किस तरह से परेशान है।

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