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देहरादून के लिए अलर्ट, देश के टॉप-5 प्रदूषित शहरों में शामिल, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी

देहरादून के लिए अलर्ट, देश के टॉप-5 प्रदूषित शहरों में शामिल, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी

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अगर आप देहरादून में रहते हैं तो आपके लिए खतरा है। जी हां उत्तराखंड की राजधानी देहरादून देश के सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में टॉप-5 में बना हुआ है। देश के सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में देहरादून पांचवें नंबर पर है।अंतरराष्ट्रीय संगठन ग्रीनपीस इंडिया ने एक हैरान कर देने वाली लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में ही इस बात का खुलासा हुआ है। इसके साथ ही वैज्ञानिकों का कहना है कि राजधानी देहरादून में हवा लगातार खराब होती जा रही है। जरा आपको इसकी लिस्ट भी बता देते हैं। दिल्ली इस मामले में टॉप लिस्ट में बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के भी काफी इलाके इस लिस्ट में शामिल किए गए हैं। हरियाणा का भिवानी तीसरे नंबर पर, पटना चौथे नंबर पर, देहरादून पांचवें नंबर पर, वाराणसी छठे नंबर पर और मुजफ्फरपुर आठवें नंबर पर है। इस बारे में वैज्ञानिकों ने खास बात बताई है।

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इस बारे में पर्यावरणविदों का कहना है कि जो देहरादून कभी बेहतरीन आबोहवा के लिए जाना जाता था, वो लगातार प्रदूषित हो रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि पर्यावरण को बचाना सबसे बड़ा काम है, और हर उत्तराखंडी का ये पहला काम बनता है कि पर्यावरण की रक्षा करें। इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि शहर में प्रदूषण बनने के कई कारण हैं। इससे पहले केंद्रीय प्रदूषण मंत्रालय द्वारा एक रिपोर्ट तैयार की गई थी। इस दौरान देश के 273 प्रदूषित शहरों के बारे में बताया गया। इस लिस्ट में भी देहरादून छठे नंबर पर कायम था। लेकिन अब एक बार फिर से एक और लिस्ट जारी हुई है, इसमें देहरादून 10वें नंबर पर आ गया है। केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड ने इस रिपोर्ट को देश की संसद में भी रखा था। रिपोर्ट में बताया गया कि देहरादून में पीएम यानी पार्टिकुलेट मैटर-10 का लेवल तय मानकों से चार गुना ज्यादा है।

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देहरादून में ये 241 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है। ये मात्रा कभी भी 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस लेवल को नियंत्रित नहीं किया गया तो लोग जल्द ही गंभीर बीमारियों से परेशान हो जाएंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस बारे में कुछ बातें बताई हैं। वायु प्रदूषण के बढऩे की सबसे बड़ी वजह गाड़ियों और अवैध तरीके से चल रहे प्रतिबंधित कैटेगरी के जनरेटर हैं। देहरादून में लगातार निर्माण कार्य हो रहा है, इस वजह से भी प्रदूषण का लेवल बढ़ रहा है। बढ़ते प्रदूषण से बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा है। इसकी वजह से लोगों को अस्थमा, दमा और कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए अभी भी वक्त है और सावधान होने का वक्त आ गया है। प्रदूषण से बचने के लिए सरकार को भी कुछ गंभीर विचारों पर ध्यान देना होगा।


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