uttarakhand investers summit dehradun 2018 latest news

उत्तराखंड की नैनी झील सूखने की कगार पर, हर दिन कम हो रहा है सवा इंच पानी

उत्तराखंड की नैनी झील सूखने की कगार पर, हर दिन कम हो रहा है सवा इंच पानी

Water level of naini lake is decreasing  - उत्तराखंड झील, नैनी झील ,

उत्तराखंड के लिए एक और खतरे का सिग्नल है। जो नैनी झील उत्तराखंड की शान कही जाती है, उसे लेकर एक हालिया रिपोर्ट सामने आई है। बताया जा रहा है कि नैनी झील का पानी हर दिन सवा इंच कम हो रहा है। हैरानी की बात तो ये है कि इस झील का पानी बीते तीन महीने में 6 फीट तक घट गया है। वैज्ञानिकों ने इस पर चिंता जताते हुए कहा है कि अगर बर्फबारी और बारिश नहीं हुई तो फरवरी तक जलस्तर शून्य पर पहुंच सकता है। ये आंकलन सिंचाई विभाग द्वारा किया गया है । इससे पहले वैज्ञानिकों ने भी इस झील को लेकर हैरान कर देने वाली रिपोर्ट दी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि, हिमालयी क्षेत्र में भूकंप का खतरा मंडरा रहा है। इसके मद्देनजर आगाह किया है कि झील के भूकंपीय जोड़ की सक्रियता का आकलन किया जाए। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस जोड़ की दरार फैली तो पानी भूगर्भ में समा सकता है।

यह भी पढें - खतरे में उत्तराखंड की शान नैनी झील, वैज्ञानिकों ने दी भूकंप की वॉर्निंग
यह भी पढें - जय उत्तराखंड: नैनीताल में 15 दिसंबर से विंटर कार्निवाल, ये कलाकार जमाएंगे रंग
तमाम भूगर्भ शास्त्री कहते हैं कि नैनी झील भूकंपीय जोड़ पर बनी है। इसके बाद इसका अस्तित्व खत्म हो गया था। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम यानी यूएनडीपी के बैनर तले राजभवन में ‘साइंटिफिक एंड टेक्नोलोजिकल इंटरवेंशन टु सेव नैनी लेक’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विज्ञानियों ने कहा कि तत्काल नैनी झील का मौजूदा स्टेटस पता कराया जाए। वैज्ञानिकों का कहना है कि नैनीताल क्षेत्र का तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है। इसके साथ ही नैनी झील का पानी 18 फिट कम हो गया। हेमवंती नंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर एसपी सिंह ने भी इस पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अभी इस पर कोई नोटिस नहीं ले रहा है। लेकिन ध्यान रखना जरूरी है। वैज्ञानिकों ने बताया ने झरने सूख रहे हैं और ये चिंता का सबब है। इन झरनों से भी नैनी झील रिचार्ज होती है।

यह भी पढें - Video: नैनीताल को हमेशा के लिए जिंदा कर गए शशि कपूर, जब उत्तराखंड को कहा था स्वर्ग
यह भी पढें - Video: देवभूमि का ये नजारा देख दुनिया हुई नतमस्तक, मां नंदा की ऐतिहासिक शोभायात्रा
परेशान जिला प्रशासन ने इस झील में रोज 6 से आठ घंटे पानी की सप्लाई करने का फैसला किया है। कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी ने सिंचाई विभाग और नगर पालिका के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें नैनी झील के वॉटर लेवल को लेकर चिंता खुलकर सामने आई। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरीश चंद्र सिंह और जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सुनील तिवारी ने बड़ी बात बताई। उन्होंने कहा कि 2016 से पहले झील से शहर को प्रतिदिन 16 से 20 घंटे पानी की सप्लाई होती थी। लेकिन 2015-16 में बारिश, बर्फबारी में कमी आई और झील का आकार बदल गया। हैरानी की बात ये भी है कि इसी साल गर्मियों में इस झील का जलस्तर 19 फीट तक घट गया, जो गंभीर चिंता की वजह है। जिलाधिकारी ने रोस्टिंग कर पेयजल आपूर्ति को 6 से 8 घंटे तक करने के निर्देश दिए।


Uttarakhand News: Water level of naini lake is decreasing

Content Disclaimer (Show/Hide)
लेख शेयर करें