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उत्तराखंड के प्रतिभाशाली पर्वतारोही योगेश नयाल का निधन, बेटे के गम में मां की हालत बिगड़ी

उत्तराखंड के प्रतिभाशाली पर्वतारोही योगेश नयाल का निधन, बेटे के गम में मां की हालत बिगड़ी

Tracker yogesh nayal died in rishikund sajdhar track  - उत्तराखंड न्यूज , योगेश नयाल

हाल ही में ऋषिकुंड-सजधार ट्रैक पर तीन सदस्यीय ट्रैकिंग दल गया था। इस दल में उत्तराखंड के प्रतिभाशाली पर्वतारोहियों में से एक योगेश नयाल भी शामिल थे। लेकिन ये यात्रा योगेश की आखिरी यात्रा बन जाएगी, किसी ने इस बारे में सोचा भी नहीं था। य़ोगेश के घर में मातम का माहौल है। अपने बेटे की मौत की खबर सुनकर योगेश की मां की हालत बिगड़ गई है। आखिरी बार योगेश की बात अपने पिता से हुई थी। योगेश के पिता इंद्र सिंह नयाल का कहना है कि योगेश आखिरी बार दीवाली पर घर आया था। योगेश 20 नवंबर को ट्रैकिंग के लिए निकले थे। चार दिन पहले योगेश की बात अपने पिता से हुई थी। उन्होंने अपने पिता से कहा था कि ‘’पापा मैं खाली हूं, मन नहीं लग रहा है।’’ पिता ने इसके बाद योगेश को घर बुलाया था, लेकिन योगेश जोशीमठ चले गए थे।

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परिजनों का कहना है कि योगेश नयाल ने बीटेक करने के बाद बंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप काम भी किया। लेकिन नौकरी में उनका मन नहीं लगा, तो वो वापस हल्द्वानी लौट आए थे। इसके बाद उन्होंने मनाली और दार्जिलिंग से पर्वतारोहण का कोर्स किया था। इसके बाद योगेश हिमालयन ट्रैक कंपनी में काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि ट्रैकिंग के दौरान ये टीम जुआ-ग्वाड़ की पहाड़ी पर फंस गई थी। इसी दौरान योगेश नयाल करीब डेढ़ सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरे। गंभीर चोट की वजह से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके दो और साथी भी जुआ-ग्वाड़ पहाड़ी पर फंस गए थे। बेटे की मौत की खबर सुनकर मां की तबीयत काफी बिगड़ गई है। उधर पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जाता है कि योगेश नयाल एक बेहतरीन पर्वतारोही थे।

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जिला प्रशासन और कंपनी ने योगेश के निधन की सूचना उनके परिवार को दी। योगेश का परिवार मूल रूप से धारी ब्लाक के लेटीबुंगा गांव का है। जोशीमठ ब्लॉक की नीती घाटी में ऋषिकुंड-सजधार बुग्याल है। इस बुग्याल तक पहुंचने के लिए मलारी हाईवे के सुराईथोटा से 25 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। बीते मंगलवार को योगेश नयाल, सुधांशु तोमर और भूपेंद्र वर्मा ऋषिकुंड-सजधार ट्रैक के लिए रवाना हुए थे।ऊंची पहाड़ी पर फंसे ट्रैकरों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने सेना से भी मदद मांगी थी। कुल मिलाकर कहें तो योगेश नयाल के रूप में उत्तराखंड ने एक बेहतरीन पर्वतारोही खो दिया है। दोस्तों के लिए योगेश किसी हीरो से कम नहीं थे। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे, परिवार को हौसला कायम रहे। ऊं शांति ऊं शांति ऊं शांति


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