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काफल पर हुआ शोध , इसमें छिपा है बड़ी बीमारियों का अचूक इलाज, आप भी जानिए

काफल पर हुआ शोध , इसमें छिपा है बड़ी बीमारियों का अचूक इलाज, आप भी जानिए

Kafal is full of ayurved  - उत्तराखंड न्यूज, काफल

काफल, एक ऐसा फल जिसका नाम सुनते ही उत्तराखण्ड के लोगों का मन आनंद से भर उठता है। इस फल का महत्त्व इसी बात से आँका जा सकता है कि यह वहाँ के लोगों के मन में इस प्रकार छाया है कि लोक गीत-संगीत, लोक कथाएँ भी इसके बिना अधूरी सी हैं। आज हम आपको काफल के कुछ चमत्कारिक फायदे बता रहे हैं, जिनके बारे में हाल ही में कुछ शोध भी कई गई है। ये शोध बताते हैं कि काफल सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं बल्कि कई ऐसी बीमारियों की दवा है। हाल ही में अमेरिका की कनेक्टिकट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने काफल पर कुछ शोध किए हैं। इन शोधों में कुछ ऐसी बातें निकलकर सामने आई हैं कि आप भी हैरान रह जाएंगे। खास तौर पर हम उत्तराखंडियों का ये समझना जरूरी है कि आखिर काफल किस तरह से हमारी जिंदगी के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।

ये पेड़ अनेक प्राकृतिक औषधीय गुणों से भरपूर है। दांतून बनाने और अन्य चिकित्सकीय कार्यां में इसकी छाल का उपयोग होता है। इसके अतिरिक्त इसके तेल और चूर्ण को भी कई तरह की दवाओं के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। आयुर्वेद में इसके अनेक चिकित्सकीय उपयोग बनाए गये हैं। आयुर्वेद में इसे कायफल के नाम से जाना जाता है! इसकी छाल में मायरीसीटीन,माय्रीसीट्रिन एवं ग्लायकोसाईड पाया जाता है विभिन्न शोध इसके फलों में एंटी-आक्सीडेंट गुणों के होने की पुष्टी करते हैं जिनसे शरीर में आक्सीडेटिव तनाव कम होता तथा हृदय सहित कैंसर एवं स्ट्रोक के होने की संभावना कम हो जाती है। ये पेड़ अपने प्राकृतिक ढंग से ही उगता है। माना जाता है कि चिड़ियों और अन्य पशु-पक्षियों के आवागमन और बीजों के संचरण से ही इसकी पौधें तैयार होती है और सुरक्षित होने पर एक बड़े वृक्ष का रूप लेती है।

इसके फलों में पाए जानेवाले फायटोकेमिकल पोलीफेनोल सूजन कम करने सहित जीवाणु एवं विषाणुरोधी प्रभाव के लिए जाने जाते हैं काफल को भूख की अचूक दवा माना जाता है। मधुमेह के रोगियों के लिए भी इसका सेवन काफी लाभदायक है। यह पेट की कई बीमारियों का निदान करता है और लू लगने से बचाता है। काफल रसीला फल है लेकिन इसमें रस की मात्रा 40 प्रतिशत ही होती है। इसमें विटामिन सी, खनिज लवण, प्रोटीन, फास्फोरस, पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन और मैग्निशीयम होता है। यही नहीं काफल की छाल को उबालकर तैयार द्रव्य में अदरक और दालचीनी मिलाकर उससे अस्थमा, डायरिया, टाइफाइड जैसी बीमारियों का इलाज भी किया जाता है। ये वो गुँ हैं जो रिसर्च में सामने आए हैं। इसलिए हमें काफल के महत्व को समझना चाहिए। खबर अच्छी लगे तो शेयर जरूर करें।


Uttarakhand News: Kafal is full of ayurved

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