बदरीनाथ धाम में 17 साल बाद, 1999 का इतिहास दोहराएगा ये पवित्र धाम

बदरीनाथ धाम में 17 साल बाद, 1999 का इतिहास दोहराएगा ये पवित्र धाम

Badrinath temple will be closed for devotees in winter  - उत्तराखंड न्यूज, बदरीनाथ मंदिर  ,उत्तराखंड,

कहते हैं भक्ति में शक्ति होती है और इस भक्ति को अगर आप देखना चाहते है, तो हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड में चले आइए। देवभूमि में आदि-अनादि काल से चली आ रही चार धाम यात्रा के रिकॉर्ड तमामा चेतावनियों के बाद भी टूट रहे हैं। भक्तो का सैलाब ऐसा कि उत्तराखण्ड के लोग भी हैरान हो गए है। कभी ये सोच लिया गया था कि 2013 की आपदा के बाद पहाड़ में फिर कभी शायद ही रौनक वापस आएगी। अब बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इस बुद्धवार से ये प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। क्या आप जानते हैं कि इस बार खास बात क्या है ? खास बात ये है कि इस बार 17 साल बाद फिर वो ही मौका आ गया, जब बाबा बदरीनाथ के कपाट इस वक्त बंद हो रहे हैं। अब आपको बताते हैं कि आखिर इस बारे में खास क्या है।

ज्योतिष शास्त्रियों का कहना है कि जिस वक्त बाबा के कपाट बंद होंगे, वो एक पुण्य नक्षत्र होगा। पंडितों ने जब मुहूर्त निकाला तो वही मुहूर्त निकला जो 17 साल पहले था। इसलिए उस वक्त आप अगर कहीं भी हों, बाबा का दिल से ध्यान करें। ऐसा करने से भी आपके सारे बिगड़े हुए काम बन जाएंगे। बाबा बदरीनाथ पूरे विश्व का कल्याण करते हैं, इसके साथ ही वो समूचे उत्तराखंड के ईष्ट देव भी हैं। इसलिए कपाट बंद होते वक्त उनका ध्यान करने से जन्म-जन्मांतर का पाप कट जाते हैं। बदरीनाथ धाम के कपाट 19 नवम्बर को देर शाम 7.28 बजे बंद किए जाएंगे। इससे पहले 1999 में देर शाम 7 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट बंद किए गए थे। बुधवार को मंदिर परिसर स्थित गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद गणेश मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

वैसे इस बार देखा जाए तो बाबा बदरीनाथ की शरण में आने वाले शरणार्थियों ने रिकॉर्ड ही तोड़ डाला। आपदा के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर पर दर्शनों के लिए पहुंचे। जी हां इस बारे में जानकर भी आपको हैरानी होगी। जी हां बताया जा हा है कि इस बार बदरीनाथ में 6 लाख से ज्यादा यात्रियों ने दर्शन किए हैं। पिछले साल ये आंकड़ा 2 लाख 72 हजार के करीब था।

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Uttarakhand News: Badrinath temple will be closed for devotees in winter

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