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एक गढ़वाली के कत्ल से थरथराई देवभूमि, मुस्लिम समुदाय के तीन लड़कों ने मार डाला !

एक गढ़वाली के कत्ल से थरथराई देवभूमि, मुस्लिम समुदाय के तीन लड़कों ने मार डाला !

Murder in uttarakhand  - उत्तराखंड न्यूज, मर्डर, युवक की हत्या ,

देवभूमि में आखिर कब तक ये होता रहेगा ? आखिर कब तक एक विशेष समुदाय के लोग उत्तराखंड के लोगों पर इस तरह से कहर बरपाते रहेंग। पहले सतपुली में गाय के बछड़े के साथ कुकर्म, सतपुली में ही देवी-देेवताओं का अपमान, पौड़ी में 4 साल की बच्ची से दष्कर्म, कोटद्वार में 4 साल की बच्ची से दुष्कर्म और ना जान क्या क्या ? बड़ा सवाल ये है कि आखिर इस मामले में सरकार कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाती। जिस तरह से हाल में घटनाएं हो रही हैं, क्या हमारा हक नहीं बनता कि ऐसे लोगों के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी जाए। अब आप प्रतापनगर की ही बात कर लीजिए। बताया जा रहा है कि प्रतापनगर में 32 साल क यवक की हत्या की गई है। इमरान , सुल्तान , कल्लू नाम के शख्स पर हत्या का आरोप है।पुलिस ने कुछ लोगों को इस मामले में गिरफ्तार कर दिया है।

कुछ हत्यारे अभी फरार बताए जा रहे हैं। हत्यारों ने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है। इनमें से मुख्य हत्यारा इमरान बताया जा रहा है। रायवाला झोपड़ी नयी बस्ती में हत्या कर शव को रेल कि पटरी पर फेंक दिया गया था । मृतक का नाम लक्ष्मण सिंह कालूड़ा था, जो कि टिहरी फॉर्म निवासी निहाल सिंह कालूड़ा का इकलौता बेटा है। ये परिवार भरपूर लंबगांव टिहरी गढ़वाल का रहन वाला है जो की 40 वर्षों से टिहरी फ़ार्म में स्थायी रूप से रह रहे है । इसक साथ ही हत्या की वजह का भी खुलासा हो रहा है। बताया जा रहा है कि इमरान और सुल्तान दिन में रेहड़ी चलाते हैं। लेकिन रात को इनका पेशा लूटपाट और हत्या करना था। इसी वजह से इस मर्डर को भी अंजाम दिया गया है। सवाल ये है कि पहाड़ियों के सब्र का इम्तिहान आखिर कब तक लिया जाएगा।

विशेष समुदाय की बात करने वालों को क्या यहां कुछ नहीं दिख रहा ? आखिर कब तक इस तरह के मामले बढ़ते रहेंगे ? सरकारों की ये खामोशी भी अब अच्छी नहीं लग रही ? अगर ऐसी ही चलता रहा तो आन वाले कुछ ही दिनों में पूरे उत्तराखंड से ऐसी खबरें मिलती रहेंगी। याद इस बात का रहे कि अगर आपके पड़ोस में कोई गलत काम हो रहा है और आप खामोश हैं, तो जान लीजिए कि अगला नंबर आपका है। उठिए, जागिए और पीड़ित परिवार को हिम्मत दीजिए। कहां गए वो लोग जो किसी अल्पसंख्यक की मौत पर कैंडल मार्च करने चल पड़ते हैं ? कहां गए वो लोग जो जरा सी बात पर इस विशेष समुदाय के रक्षक बनने लगते हैं। जवाब तो चाहिए और हर हाल में चाहिए क्योंकि एक गढ़वाली का कत्ल हुआ है और इसे उत्तराखंड बर्दाश्त नहीं कर सकता।


Uttarakhand News: Murder in uttarakhand

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